उद्धव ठाकरे के सुझाव पर भड़के विश्व हिन्दू परिषद, कहा- हिंदुत्ववादी पार्टी के पतन का प्रतीक

Published Date: 28 Jul 2020 12:44 PM
'Fall of Hindutva party': VHP fumes over Uddhav Thackeray's suggestion

विश्व हिंदू परिषद ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बयान पर निशाना साधा है, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया था कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए होने वाले भूमि पूजन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया जाना चाहिए. विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि ठाकरे का बयान एक महान हिंदुत्ववादी पार्टी के पतन का प्रतीक है.

आलोक कुमार ने कहा, ‘भूमि पूजन किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले एक आवश्यक और पवित्र अनुष्ठान है. हम धरती मां की पूजा करते हैं और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हुए अनुमति लेते हैं.’

उन्होंने कहा कि स्वाभाविक तौर पर यह भूमि पूजन ऑनलाइन या फिर कॉन्फ्रेंस के जरिए से नहीं हो सकता था. देश कोरोना महामारी से संबंधित सभी सावधानियों के साथ अपनी सामान्य गतिविधियों से गुजर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने प्रतीकात्मक रूप से श्री जगन्नाथ रथ यात्रा निकालने की अनुमति दी. श्री अमरनाथ यात्रा की रस्में भी निभाई गई हैं, हालांकि इस वर्ष यात्रा की अनुमति नहीं है. वहीं, RSS से संबंधित विहिप राम जन्मभूमि आंदोलन में सबसे आगे थी.

उन्होंने कहा ठाकरे (Uddhav Thackeray) की चिंताएं केवल दिखावा हैं. इससे पहले NCP प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी कोरोना महामारी के बीच मंदिर (Ram Mandir) के निर्माण की शुरुआत के लिए एक सार्वजनिक समारोह आयोजित करने के फैसले की आलोचना की थी.

वीएचपी (VHP) ने सोमवार को उद्धव ठाकरे के ई-भूमि पूजन सुझाव पर कहा कि उनका बयान उनके “अंध विरोध” को दर्शाता है.