शिवसेना ने योगी पर साधा निशाना: ऐसा रहा तो यूपी में घर-घर से अफजल नहीं विकास दुबे निकलेगा

Published Date: 6 Jul 2020 3:57 PM
शिवसेना ने योगी पर साधा निशाना: ऐसा रहा तो यूपी में घर-घर से अफजल नहीं विकास दुबे निकलेगा

महाराष्ट्र में सत्ताधारी शिवसेना ने सोमवार को सामना में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार पर गैंगस्टर विकास दुबे के गुर्गे द्वारा आठ पुलिस कर्मियों की हत्याओं को लेकर निशाना साधा और चेतावनी दी कि वह भारत के लिए ‘नेपाल का दाऊद (इब्राहिम)’ नहीं बनें.

शिवसेना के मुखपत्र सामना में एक संपादकीय में कहा गया है कि एक छापे के दौरान पुलिस कर्मियों की हत्याओं ने “एनकाउंटर स्पेशलिस्ट” यूपी सरकार को उजागर कर दिया है और पूछा है कि मार्च 2017 में योगी आदित्यनाथ के यूपी के मुख्यमंत्री बनने के बाद क्या बदलाव आया है. संपादकीय में आगे कहा गया कि यूपी सरकार आरोपी के न मिलने पर उसके घर ध्वस्त कर रही है लेकिन प्रदेश में कई जगहों पर कुछ लोगों के वरदहस्त के नीचे गुंडे के जो घर बने हैं, अगर उन्हें पहले ही ध्वस्त कर दिया गया होता तो 2 जुलाई को यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं होती.

सामाना संपादकीय में कहा गया है कि दुबे पड़ोसी देश नेपाल भाग गया है. झरझरा सीमा और नेपाल के साथ मौजूदा संबंधों की ओर इशारा करते, संपादकीय में कहा गया, “नेपाल के साथ भारत की सीमा हमेशा इस तरह के मामलों में एक चिंता का विषय है. फिलहाल, नेपाल के साथ हमारे संबंध भी अच्छे नहीं हैं. इस परिप्रेक्ष्य में, विकास दुबे कल हमारे लिए ’नेपाल का दाऊद’ साबित नहीं होना चाहिए.” आगे कहा यूपी सरकार की सूची में दुबे का नाम कैसे शामिल नहीं हुआ, जो अन्यथा मुठभेड़ों में गैंगस्टरों को खत्म करने के लिए जाना जाता है.

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शिवसेना ने यूपी में अपराधियों के एनकाउंटर पर भी सवाल उठाया. संपादकीय ने कहा कि योगी सरकार को आए तीन साल से ज्यादा समय हो गया. इस दौरान 113 से ज्यादा एनकाउंटर हुए लेकिन उनमें विकास दुबे कैसे छूट गया? दुबे पर लूट और डकैती के 60 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं लेकिन वह सबूतों के अभाव में कैसे बच गया? पुलिस ही उसकी गवाह कैसे बन जाती थी? क्या यूपी पुलिस और सरकार की सुविधानुसार एनकाउंटर की सूची तैयार की जा रही है? पार्टी ने कहा कि 2 जुलाई की घटना इन आरोपों की पुष्टि करती है. कई सवाल हैं जिनका जवाब योगी सरकार को देना होगा क्योंकि उत्तम प्रदेश ‘अब पुलिसकर्मियों के खून में लथपथ है.’