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Aditya Thackeray: आदित्य ठाकरे का केंद्र पर हल्ला बोल

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Aditya Thackeray: आदित्य ठाकरे का केंद्र पर हल्ला बोल

मुंबई: महाराष्ट्र के युवा नेता और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा टैक्स देने वाला राज्य है, लेकिन इसके बावजूद आम मुंबईकरों को बुनियादी सुविधाओं और विकास में उचित लाभ नहीं मिल रहा। आदित्य ठाकरे ने यह टिप्पणी हाल ही में एक सार्वजनिक सभा और मीडिया से बातचीत के दौरान की। (Aditya Thackeray)

आदित्य ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र का योगदान देश की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा है। मुंबई और इसके उपनगर विभिन्न क्षेत्रों में केंद्र को करोड़ों रुपये का टैक्स देते हैं, लेकिन इसके बदले में नागरिकों को अपेक्षित लाभ और बेहतर बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य और शहर की आबादी का आर्थिक योगदान नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने मुंबईकरों की जीवनशैली और शहर की बढ़ती समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि शहरवासियों को न सिर्फ परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं में कमी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि बढ़ती महंगाई और जनसंख्या दबाव ने शहर की समस्याओं को और जटिल बना दिया है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई में करोड़ों लोग रहते हैं और यह शहर देश की आर्थिक रीढ़ की हड्डी है, फिर भी केंद्र की योजनाओं का लाभ सीधे तौर पर मुंबईकरों तक नहीं पहुंच रहा।

आदित्य ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र केवल टैक्स देने वाला राज्य नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाला प्रमुख केंद्र है। उन्होंने केंद्र से अपेक्षा जताई कि वह राज्य और शहर की जरूरतों पर ध्यान दे, बजट आवंटन में पारदर्शिता लाए और मुंबई के नागरिकों के लिए विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दे।

साथ ही, आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह समय केवल आलोचना करने का नहीं है, बल्कि समाधान सुझाने का भी है। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से कई विकास परियोजनाओं और योजनाओं का जिक्र किया, जो शहरवासियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए बनाई जा रही हैं। आदित्य ठाकरे ने कहा कि केंद्र सरकार को स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाओं को लागू करना चाहिए और महाराष्ट्र के योगदान के अनुपात में लाभ सुनिश्चित करना चाहिए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आदित्य ठाकरे का यह बयान केंद्र और राज्य के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि चुनाव और राजनीतिक दबाव की पृष्ठभूमि में इस तरह के बयान आम हो गए हैं, लेकिन इसमें मुंबईकरों के हितों का मुद्दा भी गहराई से जुड़ा हुआ है। (Aditya Thackeray)

आदित्य ठाकरे ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को साझा करें और राज्य सरकार के साथ मिलकर समाधान खोजें। उन्होंने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र की जनता ही केंद्र और राज्य सरकारों के लिए सबसे बड़ा हितधारक है।

इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। कई विश्लेषक इसे आगामी चुनावों और राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी मान रहे हैं। वहीं आम नागरिकों की नजर अब यह देखने पर लगी है कि केंद्र सरकार मुंबई और महाराष्ट्र के लिए अपने बजट और विकास कार्यों में कितनी सक्रिय भूमिका निभाती है। (Aditya Thackeray)

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