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Ajit Pawar is no more: बॉम्बार्डियर लियरजेट-45 की डरावनी सुरक्षा रिकॉर्ड पर उठे सवाल

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Ajit Pawar is no more: बॉम्बार्डियर लियरजेट-45 की डरावनी सुरक्षा रिकॉर्ड पर उठे सवाल

मुंबई/बारामती: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार की बुधवार को बारामती में हुए विमान हादसे में मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की जान चली गई। यह दुर्घटना न केवल राजनीतिक रूप से, बल्कि विमानन सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है, खासकर उस विमान मॉडल को लेकर जिससे यह हादसा हुआ— बॉम्बार्डियर लियरजेट-45। (Ajit Pawar is no more)

यह हादसा बारामती के पास उस समय हुआ जब लियरजेट-45 विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी और पुणे-बारामती क्षेत्र में घने कोहरे को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, पायलट ने आपातकालीन लैंडिंग का प्रयास किया था, लेकिन विमान नियंत्रण से बाहर हो गया। विमान की आखिरी रिकॉर्ड की गई गति 157 नॉट्स (लगभग 290 किमी प्रति घंटा) बताई गई है, जिसके बाद संपर्क टूट गया।

हालांकि वाणिज्यिक विमानन को दुनिया का सबसे सुरक्षित परिवहन माध्यम माना जाता है, लेकिन जनरल एविएशन (General Aviation)—जिसमें निजी चार्टर, बिजनेस जेट और प्रशिक्षण उड़ानें शामिल होती हैं—का जोखिम प्रोफाइल अलग होता है। लियरजेट-45 जैसे हाई-परफॉर्मेंस बिजनेस जेट तेज गति के लिए प्रमाणित होते हैं, लेकिन इन विमानों में गलती की गुंजाइश बेहद कम होती है।

लियरजेट-45 का सुरक्षा रिकॉर्ड पहले भी सवालों के घेरे में रहा है।
4 नवंबर 2008 को मेक्सिको सिटी में एक सरकारी लियरजेट-45 विमान वेक टर्बुलेंस की चपेट में आ गया था, जिसमें 16 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद विमानों के बीच दूरी (सेपरेशन स्टैंडर्ड) की समीक्षा की गई थी।
1 जून 2003 को इटली के मिलान में टेकऑफ के तुरंत बाद पक्षी से टकराने के कारण लियरजेट-45 क्रैश हो गया, जिसमें दोनों पायलटों की जान चली गई।
21 फरवरी 2021 को मेक्सिको के वेराक्रूज में मैक्सिकन एयरफोर्स का लियरजेट-45 उड़ान भरते समय नियंत्रण खो बैठा, जिससे छह सैन्यकर्मियों की मौत हुई।

इसके अलावा, जुलाई 2009 में अमेरिका के टेल्यूराइड एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान लियरजेट-45XR दुर्घटनाग्रस्त हुआ, हालांकि उसमें सभी यात्री बच गए। सितंबर 1998 में एक परीक्षण उड़ान के दौरान लियरजेट-45 रनवे पर एक ग्राउंड वाहन से टकरा गया था, लेकिन तब कोई जान नहीं गई।

विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे विमान बड़े वाणिज्यिक विमानों की तुलना में मौसम के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। कम वजन और कम स्थिरता के कारण कोहरा, बारिश और टर्बुलेंस का इन पर ज्यादा असर पड़ता है। सितंबर 2023 में मुंबई में भारी बारिश के दौरान एक लियरजेट रनवे से फिसल गया था, जिसमें विमान दो हिस्सों में टूट गया।

IATA और ICAO की 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, वाणिज्यिक उड़ानों में दुर्घटना दर प्रति दस लाख उड़ानों में 1.13 से 2.56 के बीच है, जबकि जनरल एविएशन में यह दर कहीं अधिक है। बड़े विमानों में कई बैकअप सिस्टम होते हैं, जबकि छोटे विमानों में सुरक्षा के विकल्प सीमित होते हैं। (Ajit Pawar is no more)

फिलहाल बारामती हादसे की जांच में “लैंडिंग के दौरान नियंत्रण खोना” (Loss of Control) मुख्य कारण माना जा रहा है। बढ़ती निजी उड़ानों के बीच डीजीसीए और एफएए जैसी नियामक संस्थाएं निजी चार्टर विमानों के लिए भी एयरलाइन-स्तरीय सुरक्षा मानकों को लागू करने पर जोर दे रही हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। (Ajit Pawar is no more)

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