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Andheri East fire: अंधेरी ईस्ट के रामबाई अंबेडकर नगर में चॉल में आग

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Andheri East fire: अंधेरी ईस्ट के रामबाई अंबेडकर नगर में चॉल में आग

मुंबई के अंधेरी ईस्ट स्थित रामबाई अंबेडकर नगर में 21 दिसंबर की रात एक चॉल के कमरे में भीषण आग लग गई। इस हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। जानकारी के अनुसार, पीड़ितों में 45 वर्षीय वीणा प्रदीप भोइते, 75 वर्षीय नामदेव काशिनाथ साकपाल और 70 वर्षीय लक्ष्मी नामदेव साकपाल शामिल थे। (Andheri East fire)

वीणा प्रदीप भोइते इस आग में सबसे अधिक प्रभावित हुईं। उनके शरीर का 95 से 98 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया था। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनका जीवन बचाया नहीं जा सका। वीणा की मृत्यु 24 दिसंबर की रात 10:03 बजे हुई। उनके निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

दूसरे दो घायल पीड़ित, नामदेव और लक्ष्मी साकपाल, वरिष्ठ नागरिक हैं। नामदेव को 20 से 25 प्रतिशत और लक्ष्मी को 30 से 32 प्रतिशत तक झुलसने की चोटें आईं। वर्तमान में दोनों मरीजों को आईसीयू में रखा गया है और वे ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। उनके स्वास्थ्य की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम ने आग लगने की सूचना पाते ही मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, आग किसी विद्युत शॉर्ट सर्किट या घरेलू कारणों से लगी हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक जांच अभी जारी है। इस हादसे ने इलाके के निवासियों में सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा दी है।

चॉल जैसी जगहों पर आग लगने की घटनाएं मुंबई में पहले भी हुई हैं। अक्सर यहां कम जगह, संकरे रास्ते और पुराने विद्युत उपकरणों के कारण आग फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से फायर सेफ्टी चेक और इमरजेंसी प्लानिंग की कमी भी इस तरह के हादसों को गंभीर बनाती है।

इस दुखद घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिक और मध्यम आयु वर्ग के लोग ऐसे हादसों में सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं। राहत और बचाव कार्य के दौरान पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की मदद भी महत्वपूर्ण साबित हुई। उन्होंने घायल व्यक्तियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

स्थानीय अधिकारियों ने आग से हुए नुकसान की जांच शुरू कर दी है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने की बात कही है। वे सभी चॉल मालिकों और निवासियों से आग से सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील कर रहे हैं। (Andheri East fire)

इस घटना ने न केवल प्रभावित परिवारों को दुखी किया है बल्कि पूरे इलाके में आग सुरक्षा के महत्व को भी उजागर किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ और फायर सेफ्टी अधिकारी बार-बार आग के मामलों में सावधानी और नियमित चेकअप की सलाह देते रहे हैं।

इस दुखद हादसे में 45 वर्षीय वीणा प्रदीप भोइते का निधन हुआ और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि सुरक्षा के उपायों की अनदेखी कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है। (Andheri East fire)

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