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Badlapur Case: यौन शोषण मामला स्कूल प्रशासन और सरकार नाकाम – सामना

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Badlapur Case: यौन शोषण मामला स्कूल प्रशासन

बदलापुर में चार साल की मासूम बच्ची के साथ हुए कथित यौन शोषण के मामले को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (UBT) ने अपनी पार्टी के मुखपत्र *‘सामना’* के संपादकीय में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर जोरदार हमला बोला है। पार्टी ने इस घटना को न सिर्फ स्कूल प्रशासन बल्कि राज्य सरकार की भी गंभीर विफलता करार दिया है। (Badlapur Case)

सामना के संपादकीय में कहा गया है कि बदलापुर के एक निजी स्कूल में स्कूल बस चालक द्वारा बच्ची के साथ कथित यौन शोषण की घटना यह साबित करती है कि महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार जो बड़े-बड़े दावे करती है, वे ज़मीनी स्तर पर खोखले साबित हो रहे हैं।

शिवसेना (UBT) ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जब पीड़ित बच्ची के माता-पिता ने स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी दी, तो स्कूल प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की। संपादकीय के अनुसार, स्कूल प्रिंसिपल और प्रबंधन ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बजाय चुप्पी साध ली। मजबूर होकर जब माता-पिता पुलिस के पास पहुंचे, तब जाकर एफआईआर दर्ज की गई और आरोपी बस चालक को गिरफ्तार किया गया।

सामना में यह भी कहा गया है कि स्कूल बसों की सुरक्षा और उनके चालकों की पृष्ठभूमि जांच को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी तरह लापरवाह है। निजी स्कूलों की मनमानी पर कोई सख्त निगरानी नहीं है, जिसका खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। शिवसेना ने सवाल उठाया कि आखिर स्कूल बस चालकों की नियुक्ति से पहले उनकी जांच क्यों नहीं की जाती और सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं कराया जाता।

संपादकीय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधते हुए कहा गया है कि जब राज्य में अपराध बढ़ रहे हैं, तब मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी विदेशों में निवेश के लिए स्विट्ज़रलैंड जैसे देशों की यात्रा पर हैं। सामना ने कटाक्ष करते हुए लिखा कि एक तरफ सरकार विदेशी निवेश लाने में व्यस्त है, दूसरी तरफ महाराष्ट्र में अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और आम जनता, खासकर बच्चे, असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

शिवसेना (UBT) ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार हर घटना के बाद सिर्फ बयानबाज़ी और आश्वासन देती है, लेकिन ठोस कदम उठाने में नाकाम रहती है। महिला और बाल सुरक्षा को लेकर बनाए गए कानून और योजनाएं कागज़ों तक सीमित रह गई हैं। (Badlapur Case)

पार्टी ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और तेज़ जांच हो, दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए और स्कूलों व उनके परिवहन तंत्र पर सख्त निगरानी रखी जाए। साथ ही सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

कुल मिलाकर, बदलापुर की इस घटना ने एक बार फिर राज्य में बच्चों की सुरक्षा, स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिवसेना (UBT) ने साफ कहा है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक ऐसे जघन्य अपराध रुकने वाले नहीं हैं। (Badlapur Case)

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