आरएसएस (RRSS)प्रमुख मोहन भागवत ने भारतीय लोगों के डीएनए को लेकर एक अहम बयान दिया है. मोहन भागवत ने कहा है कि भारत में हर व्यक्ति का डीएनए हिंदू है । हमारे देश में भगवान की अलग-अलग तरह से पूजा और आराधना की जाती है। किसी को इसे बदलने की जरूरत नहीं है। क्योंकि किसी भी माध्यम से की गई प्रार्थना एक ही स्थान पर जाती है।
अखंड भारत का डीएनए 40 हजार साल पहले से वही है। जो लोग काबुल के पश्चिम से लेकर चिंदविन नदी के पूर्व तक, तिब्बत के उत्तर से यानी चीन से श्रीलंका के दक्षिण तक के क्षेत्र में रहते हैं। उन सभी लोगों का 40 हजार साल से एक ही डीएनए है। भागवत ने कहा कि वह सभी हिंदू हैं। अनेकता में एकता भारत की पहचान है। भागवत ने यह भी कहा कि 1925 से हम कहते आ रहे हैं कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है। हमारी संस्कृति सबको आगे ले जा रही है। हम एक दूसरे से लड़ जरूर सकते हैं लेकिन संकट के समय हम एक साथ आते हैं। देश की आजादी से लेकर हाल के कोरोना संकट तक, हम सभी ने एक साथ आकर स्थिति से निपटा। भागवत ने कहा कि हम कल एक थे और आज भी एक है।
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