मुंबई: महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 7.9 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ बढ़ने की संभावना है, जो देश की अनुमानित 7.4 प्रतिशत वृद्धि से अधिक है। यह जानकारी राज्य की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में सामने आई, जिसे महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार को प्रस्तुत किया गया। (Economy of maharashtra)
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, महाराष्ट्र का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 2025-26 में ₹51 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। वहीं, स्थिर मूल्यों पर वास्तविक GSDP ₹28.82 लाख करोड़ रहने का अनुमान है।
सर्वेक्षण में यह भी बताया गया है कि महाराष्ट्र की वृद्धि का नेतृत्व सेवाओं के क्षेत्र द्वारा किया जाएगा, जबकि उद्योग और कृषि क्षेत्र में मध्यम विकास की उम्मीद है। रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि राज्य में FDI निवेश में मजबूती, रोजगार संकेतकों में सुधार और वित्तीय प्रबंधन में स्थिरता देखने को मिल रही है।
राज्य सरकार की यह पहल आर्थिक विकास को गति देने और निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह वृद्धि न केवल महाराष्ट्र के व्यवसायिक माहौल को सुदृढ़ करेगी, बल्कि रोजगार सृजन और सामाजिक-आर्थिक विकास में भी सहायक होगी।
आर्थिक सर्वेक्षण में आगे कहा गया है कि राज्य में निवेश और बुनियादी ढांचे में सुधार के प्रयासों से आने वाले वर्षों में वृद्धि और भी तेज हो सकती है। इसके अलावा, सरकारी योजनाओं और उद्योग नीति में सुधार का भी योगदान इस अनुमानित वृद्धि में माना जा रहा है। (Economy of maharashtra)
महाराष्ट्र सरकार ने इस आर्थिक सर्वेक्षण को अगले बजट की तैयारी के लिए आधार के रूप में पेश किया है, ताकि नीति निर्धारक और निवेशक आने वाले वित्त वर्ष के लिए रणनीति तैयार कर सकें। (Economy of maharashtra)
राज्य के वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह अनुमानित 7.9% की वृद्धि महाराष्ट्र को देश की शीर्ष आर्थिक राज्यों में और मजबूती से स्थापित करेगी, और निवेश, रोजगार व विकास के नए अवसर पैदा करेगी।
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