केंद्रीय रेलवे के माटुंगा वर्कशॉप में मंगलवार दोपहर एक LHB स्लीपर कोच में आग लग गई। यह घटना तब हुई जब कोच में रख-रखाव के दौरान वेल्डिंग का काम चल रहा था। वेल्डिंग के चिंगारी से आसपास रखे पदार्थ में आग लग गई और तेज़ हवाओं के कारण आग तेजी से फैल गई, जिससे कोच के ऊपरी हिस्से का लगभग 70 प्रतिशत क्षतिग्रस्त हो गया।(Fire breaks)
अधिकारियों ने बताया कि आग करीब 3:10 बजे कोच के CSMT सिरे के टॉयलेट के पास लगी, जहाँ वेल्डिंग का काम चल रहा था। तेज़ हवाओं के चलते आग मिनटों में फैल गई और कोच के ऊपरी हिस्से को भारी नुकसान पहुंचाया। कोच को तुरंत खुले क्षेत्र में ले जाया गया, जिससे अन्य कोच या वर्कशॉप के इंफ्रास्ट्रक्चर को कोई नुकसान नहीं हुआ।(Fire breaks)
अग्निशमन विभाग को तुरंत बुलाया गया और आग को लगभग 3:55 बजे तक नियंत्रित कर लिया गया। आग लगने की घटना के बावजूद कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। साथ ही, कोच के नीचे लगे उपकरण (अंडरसलंग इक्विपमेंट) सुरक्षित रहे।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह घटना आग सुरक्षा और रख-रखाव प्रक्रियाओं में सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। उन्होंने आगे कहा कि वेल्डिंग जैसी गतिविधियों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि LHB स्लीपर कोच की संरचना और सुरक्षित रख-रखाव प्रक्रियाओं के कारण आग अन्य कोचों तक नहीं फैली। इससे यह स्पष्ट होता है कि वर्कशॉप में अपनाई गई सावधानियाँ उचित थीं।
घटना ने रेलवे प्रशासन के लिए चेतावनी का काम किया है कि वर्कशॉप में नियमित निरीक्षण और सुरक्षा उपायों को और अधिक सख्ती से लागू किया जाए। आग से कोच को हुए नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है और मरम्मत कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
मुंबई में यह घटना रेलवे प्रशासन और यात्रियों दोनों के लिए सुरक्षा के महत्व को उजागर करती है। अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।