मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली मेट्रो परियोजनाओं में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। घाटकोपर के व्यस्त आर सिटी मॉल (R-City Mall) के ठीक बाहर, निर्माणाधीन मेट्रो-4 लाइन (वडाला-कासरवडवली) के एक सुपरस्ट्रक्चर बीम में बड़ी दरारें (Macro Cracks) देखी गई हैं। ( Ghatkopar)
इस घटना ने न केवल स्थानीय नागरिकों, बल्कि प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों के मन में भी भय पैदा कर दिया है।
कैसे हुआ घटना का खुलासा?
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी तकनीकी खराबी प्रशासन की नियमित जांच में नहीं, बल्कि एक जागरूक नागरिक की सतर्कता से सामने आई। एक स्थानीय निवासी ने मेट्रो पिलर के ऊपर बीम में गहरी दरारें देखीं और तुरंत उसकी फोटो खींचकर व्हाट्सएप के जरिए बीएमसी (BMC) और संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजी। शिकायतकर्ता का दावा है कि ये दरारें दूर से भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं, जो संरचनात्मक कमजोरी का संकेत हो सकती हैं।
BMC का सख्त रुख और मेट्रो प्रशासन को चेतावनी
नागरिक की शिकायत मिलते ही बीएमसी प्रशासन हरकत में आया। हाल ही में मुलुंड में हुई मेट्रो स्लैब दुर्घटना की यादें अभी भी ताज़ा हैं, जिसे देखते हुए बीएमसी ने इसे गंभीरता से लिया है। बीएमसी ने मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) और मेट्रो प्रशासन को एक आधिकारिक पत्र लिखकर तत्काल ‘एक्शन’ लेने का निर्देश दिया है।
पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आर सिटी मॉल के पास का क्षेत्र बेहद भीड़भाड़ वाला है। यदि इस बीम की मजबूती में कोई कमी आती है, तो यह एक बड़ी आपदा का कारण बन सकता है। बीएमसी ने मेट्रो इंजीनियरों से विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट मांगी है और पूछा है कि सुरक्षा ऑडिट के दौरान इन दरारों पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया। ( Ghatkopar)
मुलुंड हादसे के बाद बढ़ा डर
कुछ समय पहले ही इसी मेट्रो रूट पर मुलुंड के पास एक स्लैब गिरने की घटना हुई थी। उस हादसे के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर कई दावे किए गए थे, लेकिन घाटकोपर में मिली इन ‘मैक्रो क्रैक्स’ ने उन दावों की पोल खोल दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘मैक्रो क्रैक्स’ का मतलब है कि दरारें सतह से काफी गहरी हो सकती हैं, जो मानसून या भारी भार की स्थिति में बीम को अस्थिर कर सकती हैं।
प्रशासन की वर्तमान कार्रवाई
फिलहाल, मेट्रो प्रशासन की तकनीकी टीम ने मौके का मुआयना शुरू कर दिया है। दरारों की गहराई और स्ट्रक्चर की स्थिरता को मापने के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। एहतियात के तौर पर बीम के नीचे वाले सड़क के हिस्से पर भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है। ( Ghatkopar)
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