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मुंबई में बीकेसी में पर्सनल रैपिड ट्रांज़िट (POD टैक्सी) परियोजना का भूमि पूजन

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मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने सोमवार को बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में अपनी प्रस्तावित पर्सनल रैपिड ट्रांज़िट (PRT) या “POD टैक्सी” परियोजना का भूमि पूजन किया। इस परियोजना को बैंड्रा और कुर्ला रेलवे स्टेशनों को बीकेसी के व्यावसायिक हब से जोड़ने वाला पहला और अंतिम मील कनेक्टिविटी समाधान बताया जा रहा है।(POD Taxi)

इस ऑटोमेटेड रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम की कुल लंबाई 8.85 किलोमीटर होगी, जिसमें 22 स्टेशन शामिल होंगे। पहले चरण में 3.36 किलोमीटर की दूरी को कवर किया जाएगा, जो कुर्ला और बैंड्रा (पूर्व) के बीच फैलेगा। इस चरण में प्रमुख स्टॉप LBS मार्ग, MMRDA पे एंड पार्क, BDB गेट-11 और कलानगर शामिल हैं।(POD Taxi)

MMRDA के अधिकारियों का कहना है कि यह POD टैक्सी परियोजना बीकेसी में व्यस्त वाणिज्यिक क्षेत्र और आस-पास के रेलवे स्टेशनों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों के लिए एक आसान और तेज़ विकल्प होगी। अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि यह परियोजना शहर में ट्रैफ़िक की भीड़ को कम करने में मदद करेगी और पहली तथा आखिरी मील कनेक्टिविटी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी।

हालांकि, इस परियोजना को लेकर परिवहन विशेषज्ञों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि परियोजना की लागत और इसकी आर्थिक व्यवहार्यता पर गंभीर विचार करने की जरूरत है। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि जनता की राय और सुझाव लिए बिना इस तरह की महत्त्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाना उचित नहीं है।

कई विशेषज्ञों ने उल्लेख किया कि POD टैक्सी जैसी तकनीक विकसित देशों में सीमित सफलता प्राप्त कर पाई है और मुंबई जैसे भीड़-भाड़ वाले शहर में इसकी वास्तविक क्षमता और यात्रियों की सहूलियत को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।

परियोजना के आलोचकों का यह भी मानना है कि योजना बनाने में सार्वजनिक भागीदारी का अभाव है। उन्होंने सुझाव दिया कि MMRDA को स्थानीय निवासियों, कार्यालय कर्मचारियों और दैनिक यात्रियों के साथ व्यापक परामर्श करना चाहिए ताकि उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं को समझा जा सके।

MMRDA ने बताया कि पहले चरण की निर्माण प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी और परियोजना के पूरा होने के बाद इसे पूरी तरह से स्वचालित प्रणाली के रूप में संचालित किया जाएगा। इसके अलावा, अधिकारियों का कहना है कि बाद के चरणों में बैंड्रा और कुर्ला के अन्य हिस्सों को भी इस नेटवर्क में जोड़ा जाएगा।

मुंबई में POD टैक्सी परियोजना आधुनिक तकनीक और ट्रांसपोर्टेशन सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकती है, लेकिन विशेषज्ञों की चिंता और सार्वजनिक परामर्श की कमी इसे चुनौतीपूर्ण भी बना सकती है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि परियोजना कितनी प्रभावी और यात्रियों के अनुकूल साबित होती है।

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