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Housing Law: जानिए कानून क्या कहता है

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Housing Law: जानिए कानून क्या कहता है

मुंबई के हाउसिंग सोसाइटियों में अक्सर सदस्य अपने अधिकारों और नियमों को लेकर उलझन में रहते हैं। इस संबंध में मुंबई ग्राहक पंचायत की लीगल एक्सपर्ट शर्मिला राणडे ने दो आम सवालों के जवाब दिए हैं। (Housing Law)

एक फ्लैट दो सदस्यों के संयुक्त स्वामित्व में था। पहले सदस्य ने अपना हिस्सा दूसरे सदस्य को पंजीकृत गिफ्ट डीड के माध्यम से दे दिया। अब सभी दस्तावेज और प्रमाणित गिफ्ट डीड सोसाइटी को सबमिट की गई है। क्या सोसाइटी इस ट्रांसफर के लिए ₹500 शेयर ट्रांसफर और ₹100 एडमिशन फीस ले सकती है?

जब पंजीकृत गिफ्ट डीड दूसरे सदस्य के नाम पर हो जाती है, तो पहले सदस्य का संयुक्त सदस्य का दर्जा खत्म हो जाता है और दूसरा सदस्य फ्लैट का एकमात्र मालिक बन जाता है। सोसाइटी को यह बदलाव करना होगा और पहले सदस्य का नाम शेयर सर्टिफिकेट और सदस्यों की रजिस्टर से हटाना होगा। चूंकि कोई नया सदस्य नहीं जोड़ा जा रहा है, इसलिए ₹100 एडमिशन फीस लागू नहीं होगी। केवल शेयर ट्रांसफर फीस प्रशासनिक खर्च के लिए ली जा सकती है।

मेरी पोती सीनियर केजी में है, इसलिए मैंने सुरक्षा के लिए प्रवेश द्वार के ऊपर सीसीटीवी कैमरा लगवाया। सोसाइटी की अनुमति नहीं ली गई। पड़ोसी ने शिकायत की कि इससे गोपनीयता का उल्लंघन हो रहा है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। सोसाइटी ने भी कैमरा हटाने को कहा। (Housing Law)

सोसाइटी के सदस्यों की पूर्व स्वीकृति के बिना सीसीटीवी कैमरा लगाना कानूनी नहीं है, चाहे यह व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए क्यों न हो। यदि आप किराएदार हैं, तो आपकी इस संबंध में कोई अधिकार नहीं है। केवल फ्लैट मालिक को सोसाइटी की अनुमति लेकर ही कैमरा लगाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के Justice K S Puttaswamy (Retd.) v. Union of India (2017) के फैसले के अनुसार, गोपनीयता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है। किसी भी तरह का प्राइवेसी में हस्तक्षेप कानूनी, आवश्यक और अनुपातिक होना चाहिए। (Housing Law)

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