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बंद करना है ब्लैक मनी, तो बंद करे इस नोट को : सुशील मोदी

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बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी ने 2000 रुपए बंद करने पर उठाया आवाज। मोदी ने आरोप लगाया की काले धन के रूप में जमाखोरी हो रही हैमोदी ने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ‘बाजार में गुलाबी रंग के 2,000 रुपये के नोटों का दर्शन दुर्लभ हो गया है. एटीएम से नहीं निकल रहा है और अफवाह है कि यह अब वैध नहीं रहा.’ उन्होंने सरकार से इस बारे में स्थिति साफ करने की मांग की। और ये भी कहा कि मादक पदार्थों, मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग में सहित कई अपराधों में इन नोटों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। मोदी ने कहा कि दुनिया की सभी आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं में बड़े नोटों का प्रचलन बंद हो गया है और अमेरिका में अधिकतम 100 डॉलर है और वहां भी 1,000 डॉलर के नोट नहीं हैं।
8 नवंबर, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस समय तक प्रचलन में मौजूद 500 रुपये तथा 1000 रुपये के करेंसी नोटों को अमान्य करार दिया था, और 9 नवंबर, 2016 से ही उन्हें बंद करने की घोषणा की थी। उसी नोटबंदी के तुरंत बाद 500 रुपये के नए नोटों के साथ-साथ 2000 रुपये का नोट भी जारी किया गया था। सरकारी जानकारी के मुताबिक, कुछ साल बाद भारतीय रिज़र्व बैंक ने 2000 रुपये के नए नोट छापना बंद कर दिया है, हालांकि यह अब भी आधिकारिक मुद्रा है। उन्होंने कहा कि चीन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ में भी नोटों के अधिकतम मूल्य 200 तक ही है। सिर्फ पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे देशों में 5,000 के नोट हैं लेकिन जबकि इंडोनेशिया में एक लाख मूल्य तक के नोट प्रचलन में हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत में 2,000 के नोट के प्रचलन का अब कोई मतलब नहीं है। अब तो सरकार डिजिटल लेनदेन को भी बढ़ावा दे रही है। इसलिए मेरा सरकार से अनुरोध है कि वह चरणवार तरीके से 2,000 के नोटों को धीरे-धीरे बंद कर दिया जाना चाहिए।’ उन्होंने मांग की कि सरकार जनता को मौका दें ताकि वे एक या दो साल में 2,000 के नोटों को दूसरे नोटों से बदल लें। उन्होंने कहा, ‘2,000 का नोट यानी ब्लैक मनी यानी कालाबाजारी। अगर काले धन पर रोक लगानी है तो 2,000 के नोट को बंद करना चाहिए।’

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