मुंबई में अवैध गैस सिलेंडर के भंडारण और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राशनिंग विभाग ने करीब ₹40 लाख से अधिक मूल्य के 451 अवैध LPG सिलेंडर जब्त किए हैं। यह कार्रवाई Mumbai के Dongri और वाडी बंदर इलाके में की गई, जहां आठ वाहनों को भी मौके पर ही रोककर जांच की गई और कब्जे में लिया गया। इस पूरे अभियान का उद्देश्य काले बाज़ार पर रोक लगाना और आवश्यक वस्तुओं की अवैध सप्लाई चेन को तोड़ना बताया जा रहा है।(LPG)
यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी, जो Chandrakant Dange को प्राप्त हुई थी। सूचना मिलने के बाद उन्होंने तुरंत सख्त निर्देश जारी किए और मामले में त्वरित कार्रवाई करने का आदेश दिया। इसके बाद सिविल सप्लाई विभाग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम को सक्रिय किया गया, जिसने विशेष अभियान चलाकर संदिग्ध वाहनों की पहचान की और उन्हें रोककर जांच शुरू की।(LPG)
जांच के दौरान पाया गया कि इन वाहनों में बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों का पालन किए बड़ी मात्रा में LPG सिलेंडर एक स्थान से दूसरे स्थान पर अवैध रूप से ले जाए जा रहे थे। अधिकारियों ने मौके पर ही 451 सिलेंडर जब्त कर लिए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹40 लाख से अधिक बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क काले बाज़ार में सिलेंडरों की सप्लाई से जुड़ा हो सकता है।
Wadi Bunder और डोंगरी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में इस तरह की गतिविधियां बेहद खतरनाक मानी जाती हैं, क्योंकि गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और परिवहन से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इसी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने इस कार्रवाई को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच तेज कर दी है।
राशनिंग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और शहर में किसी भी प्रकार के अवैध भंडारण, कालाबाज़ारी और नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित वाहनों के मालिकों और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
इस कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन अब अवैध गैस सप्लाई चेन के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है। अधिकारियों ने जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध गैस सिलेंडर भंडारण या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें।
कुल मिलाकर, यह कार्रवाई मुंबई में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे अवैध कारोबारियों पर कड़ा संदेश गया है कि नियमों का उल्लंघन अब भारी पड़ सकता है।