मुंबई, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में राज्य परिवहन सुरक्षा और अनुशासन को सुदृढ़ करने के लिए महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) ने बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में पारेळ डिपो में अचानक की गई जांच के दौरान शराब की बोतलें बरामद होने और कर्मचारियों में नशे की संभावना पाए जाने के बाद, MSRTC ने अब सभी चालकों के लिए ब्रैथ एनालाइज़र टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। (Maharashtra)
परिवहन मंत्री और MSRTC के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने बताया कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निगम में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब से ड्यूटी पर आने वाले प्रत्येक चालक को पहले ब्रेथ एनालाइज़र से टेस्ट से गुजरना होगा। यदि कोई चालक शराब के प्रभाव में पाया जाता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरनाईक ने यह भी बताया कि सिर्फ ब्रेथ एनालाइज़र टेस्ट ही पर्याप्त नहीं हैं। यात्रियों की सुरक्षा और ड्राइवरों के अनुशासन के लिए निगम रैंडम चेक, वॉच एंड वार्निंग इंस्पेक्शन और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएगा। उनका कहना है कि यह पहल न केवल चालकों को जवाबदेह बनाएगी, बल्कि यात्रियों के विश्वास को भी बढ़ाएगी।
MSRTC के अधिकारियों के अनुसार, हाल की डिपो जांच में शराब की बोतलों के साथ कुछ कर्मचारियों के नशे में होने के संकेत मिले थे। इससे यह स्पष्ट हुआ कि निगम के भीतर शराब की उपस्थिति गंभीर समस्या बन सकती है। यही कारण है कि ब्रेथ एनालाइज़र टेस्ट को अनिवार्य करना और नियमित निगरानी सुनिश्चित करना जरूरी था।
परिवहन मंत्री ने यह भी कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा अनुभव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी चालक द्वारा शराब पीकर ड्यूटी पर आने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें नौकरी से निलंबन और कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है। (Maharashtra)
इसके अलावा, MSRTC ने चालकों और कर्मचारियों के लिए शराब और सुरक्षा नियमों पर जागरूकता कार्यक्रम की भी घोषणा की है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य कर्मचारियों को नियमों के पालन का महत्व समझाना और उन्हें सुरक्षित ड्राइविंग प्रथाओं के प्रति प्रेरित करना है।
प्रताप सरनाईक के अनुसार, यह पहल न केवल महाराष्ट्र में राज्य परिवहन प्रणाली की सुरक्षा को बढ़ाएगी, बल्कि यात्रियों को भी विश्वास दिलाएगी कि उनकी यात्रा सुरक्षित हाथों में है।
इस नए नियम के लागू होने के बाद से MSRTC के सभी डिपो में ब्रेथ एनालाइज़र की व्यवस्था की जाएगी और इसके नियमित निरीक्षण किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम राज्य परिवहन प्रणाली में अनुशासन और सुरक्षा का नया मानक स्थापित करेगा।
इस पहल के बाद, MSRTC का कहना है कि यात्री अब अधिक सुरक्षित और अनुशासित परिवहन सेवा का अनुभव करेंगे, और राज्य के परिवहन कर्मचारियों में जिम्मेदारी और जवाबदेही का भाव मजबूत होगा। (Maharashtra)
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