मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्यभर में CCTV कैमरों की स्थापना, संचालन और उपयोग में एकरूपता लाने के लिए एक व्यापक नीति तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार ने नौ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जो CCTV से जुड़े तकनीकी, प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं पर विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करेगी। (Maharashtra News)
सरकार ने कहा कि वर्तमान में राज्य के लगभग सभी सार्वजनिक स्थानों के साथ-साथ आवासीय सोसायटी, दुकानें, मॉल, थिएटर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में CCTV कैमरे लगाए जा चुके हैं। हालांकि, इन कैमरों की तकनीकी गुणवत्ता, रखरखाव, डेटा सुरक्षा और फुटेज के उपयोग को लेकर कोई समान नीति नहीं है। इसी कारण एक व्यापक और统一 नीति की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
गुरुवार को जारी सरकारी प्रस्ताव (GR) के अनुसार, प्रस्तावित CCTV नीति में कैमरों के तकनीकी मानक, संबंधित उपकरण, मरम्मत और रखरखाव की प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाएगा। इसके अलावा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और न्यायिक कार्यवाही के दौरान CCTV फुटेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी नीति का हिस्सा बनाया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया कि कई मामलों में जांच एजेंसियों और अदालतों को समय पर CCTV फुटेज नहीं मिल पाता, जिससे जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है। नई नीति के तहत यह तय किया जाएगा कि फुटेज कैसे संरक्षित किया जाएगा, कितने समय तक रखा जाएगा और किन परिस्थितियों में इसे उपलब्ध कराया जा सकता है।
इस नीति का मसौदा तैयार करने के लिए गठित नौ सदस्यीय समिति में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। समिति में वित्त, शहरी विकास और लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, ग्रामीण विकास और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव, परिवहन आयुक्त तथा गृह विभाग के प्रधान सचिव (विशेष) को शामिल किया गया है। गृह विभाग के प्रधान सचिव (विशेष) इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।
सरकारी प्रस्ताव में बताया गया है कि यह निर्णय राज्य विधानमंडल में हुई चर्चाओं के बाद लिया गया है। विधायकों ने CCTV व्यवस्था में पारदर्शिता, तकनीकी गुणवत्ता और डेटा के दुरुपयोग की आशंकाओं को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद सरकार ने एक统一 और व्यापक नीति बनाने का फैसला किया। (Maharashtra News)
सरकार ने यह भी कहा कि पहले से ही विभिन्न विभागों के लिए CCTV नेटवर्क की स्थापना और संचालन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अब उन्हें एक समग्र नीति के तहत लाने की जरूरत है। इससे न केवल निगरानी प्रणाली मजबूत होगी, बल्कि नागरिकों की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
महाराष्ट्र सरकार का मानना है कि यह नीति राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने, अपराधों की जांच में तेजी लाने और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। (Maharashtra News)
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