मुम्बई के मालाड इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 19 वर्षीय बीकॉम छात्र ने एक ट्रांसजेंडर समूह पर अपहरण, शारीरिक अत्याचार, ब्लैकमेल और जबरन जेंडर री-असाइनमेंट सर्जरी कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला मलवानी पुलिस थाने में दर्ज किया गया है, जहाँ पुलिस ने शिकायत के आधार पर षड्यंत्र, अपहरण, यौन उत्पीड़न, वसूली और जबरन मेडिकल म्यूटिलेशन सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। (Malad Student Abduction Case)
पीड़ित छात्र, जो कुरार गांव के अप्पापाड़ा इलाके का निवासी है, ने पुलिस को बताया कि लगभग डेढ़ वर्ष पहले उसकी पहचान कावेरी उर्फ कार्तिक वेदामनि निकम नामक व्यक्ति से हुई थी। इसी पहचान के माध्यम से उसकी मुलाकात नेहा खान उर्फ नेहा इपटे से हुई, जो कथित रूप से मलवानी क्षेत्र में एक ट्रांसजेंडर समूह चलाती थी। (Malad Student Abduction Case)
छात्र के अनुसार, 5 अगस्त को उसे नेहा के घर बुलाया गया, जहाँ मौजूद लोगों में कावेरी, भास्कर शेट्टी और माहि भी शामिल थे।
शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने पहले उसे जेंडर ट्रांजिशन के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन उसके मना करने पर उसे कथित रूप से कमरे में बंद कर दिया गया। छात्र का कहना है कि उसके साथ शारीरिक मारपीट की गई और फिर उसे जबरन अश्लील हरकतें करने पर मजबूर किया गया। इन घटनाओं को मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया गया और बाद में इन्हीं वीडियो के आधार पर उससे पैसे की जबरन माँग की गई। (Malad Student Abduction Case)
पीड़ित ने बताया कि वीडियो वायरल करने की धमकी से डरकर उसकी माँ को 10,000 रुपये आरोपितों को ट्रांसफर करने पड़े। लेकिन यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। अगले दो महीनों में, आरोपितों ने उस पर और अधिक पैसे देने का दबाव बनाया और कई बार सार्वजनिक रूप से उसका अपमान भी किया। (Malad Student Abduction Case)
छात्र का आरोप है कि उसे जबरन साड़ी पहनाई गई, सड़क पर भीख मांगने के लिए मजबूर किया गया और विरोध करने पर उसे पीटा गया। उसने यह भी दावा किया कि उसे धमकाकर सूरत ले जाया गया, जहाँ कथित रूप से उसके ऊपर जबरन जेंडर री-असाइनमेंट सर्जरी करवाई गई। यह आरोप अत्यंत गंभीर है, जिसकी पुलिस अलग से जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और पीड़ित के बयान, मेडिकल रिपोर्ट तथा अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। गिरफ्तार किये गए आरोपितों से पूछताछ जारी है और पुलिस संभावित अन्य शामिल लोगों की तलाश कर रही है।
यह घटना न केवल अपराध की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि युवाओं को ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न जैसी स्थितियों से बचाने की आवश्यकता की ओर भी ध्यान आकर्षित करती है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी को भी किसी प्रकार की धमकी या ब्लैकमेल का सामना करना पड़ता है, तो तत्काल शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है।
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