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Mira-Bhayander: फ्लाइओवर चार लेन को दो में बदलने पर नाराजगी

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Mira-Bhayander: फ्लाइओवर चार लेन को दो में बदलने पर नाराजगी

मीरा-भायंदर में निर्माणाधीन फ्लाइओवर का विवाद बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों और यातायात विशेषज्ञों ने आरोप लगाया है कि चार लेन के बनाए जाने वाले फ्लाइओवर को बीच से घटाकर केवल दो लेन का कर दिया गया है। इस कदम से न केवल सड़क क्षमता प्रभावित होगी, बल्कि भविष्य में यातायात जाम और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाएगा। (Mira-Bhayander)

स्थानीय निवासियों ने बताया कि शुरू में फ्लाइओवर का प्लान चार लेन का था, ताकि आने वाले वर्षों में भी बढ़ते ट्रैफिक को सहजता से संभाला जा सके। लेकिन निर्माण के दौरान अचानक बीच की दो लेन हटा दी गई, जिससे फ्लाइओवर का पूरा डिजाइन बदल गया। लोगों का कहना है कि यह निर्णय बिना किसी व्यापक परामर्श और सार्वजनिक घोषणा के लिया गया।

नागरिकों की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी पहुंच गई है। उन्होंने निर्माण प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों से इस मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है। वहीं, कुछ नागरिकों ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की भी सिफारिश की है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाह परियोजनाओं को रोका जा सके।

यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लाइओवर की चौड़ाई घटाने से स्थानीय सड़क नेटवर्क पर दबाव बढ़ेगा। यह क्षेत्र पहले से ही ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि ठेकेदार और संबंधित विभाग को इस मुद्दे का समाधान तुरंत निकालना चाहिए और अगर आवश्यक हो तो फ्लाइओवर की चौड़ाई मूल योजना के अनुसार बढ़ाई जानी चाहिए।

ठेकेदार ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। निर्माण विभाग ने कहा है कि परियोजना की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए वे भी जांच में सहयोग करेंगे।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि फ्लाइओवर निर्माण में पारदर्शिता का अभाव और नियमों की अनदेखी से यह विवाद उत्पन्न हुआ है। उनका यह भी कहना है कि यदि ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में ऐसे निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी और बढ़ सकती है। (Mira-Bhayander)

इस मामले में अब प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फ्लाइओवर निर्माण की योजना और कार्यप्रणाली की पूरी समीक्षा की जाए और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

स्थानीय जनता और यातायात विशेषज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि फ्लाइओवर निर्माण में जनता की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि रखा जाए। यदि समय पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो मीरा-भायंदर में ट्रैफिक और सुरक्षा की स्थिति और अधिक जटिल हो सकती है। (Mira-Bhayander)

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