मुंबई में पिछले 36 घंटों के भीतर 8 लड़कियों समेत 12 नाबालिग बच्चों के लापता होने से हड़कंप मच गया है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने शहर की कानून-व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और विशेष तलाशी अभियान शुरू किया गया है, लेकिन अब तक किसी भी बच्चे का ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है। (Missing Minors)
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लापता हुए बच्चों की उम्र 10 से 16 वर्ष के बीच बताई जा रही है। ये बच्चे अलग-अलग इलाकों से गायब हुए हैं, जिनमें उपनगर और मध्य मुंबई के कुछ संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल हैं। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत गुमशुदगी के मामले दर्ज किए और जांच शुरू की, लेकिन बच्चों का कोई पता नहीं चल सका है।
इस बीच, मानव तस्करी और बाल तस्करी की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सभी एंगल से जांच की जा रही है और रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सीसीटीवी फुटेज, ढाबों, लॉज और सीमावर्ती इलाकों में सघन तलाशी ली जा रही है। इसके अलावा, क्राइम ब्रांच और एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को भी जांच में लगाया गया है।
बच्चों के अचानक गायब होने से अभिभावकों में डर और चिंता का माहौल है। कई इलाकों में स्थानीय नागरिकों ने पुलिस से सुरक्षा बढ़ाने और गश्त तेज करने की मांग की है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि शहर में पहले भी बाल तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं, ऐसे में प्रशासन को और सतर्क रहने की जरूरत है।
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर विशेष ध्यान रखें और उन्हें अकेले बाहर भेजने से बचें। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। पुलिस ने यह भी कहा है कि स्कूलों, सोसायटियों और सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की आवाजाही पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि लापता बच्चों को सुरक्षित ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जांच टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट साझा करें और किसी भी संभावित सुराग को नजरअंदाज न करें। (Missing Minors)
फिलहाल, पूरे मुंबई शहर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि बच्चों की सुरक्षा सिर्फ प्रशासन ही नहीं, बल्कि समाज और अभिभावकों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। अपने बच्चों का ध्यान रखें, सतर्क रहें और किसी भी अनजान स्थिति को हल्के में न लें। (Missing Minors)
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