जब हमारी सरकार आएगी तो बच्चू कडू हमारे साथ आएंगे। जिस राज्य में सरकार जाती है वहां कुछ नेता होते हैं। राज्यपाल और अंधेरे की बात करने वाले अन्य नेता जो बात करते हैं, उस पर सुषमा क्यों नहीं बोलतीं। जब शिवाजी महाराज का अपमान होता है तो वे वारकरी की बात क्यों नहीं करते। मोर्चा की इजाजत नहीं मिली तो भी 17 को मोर्चा निकाला जाएगा। एक ऐसा मार्च होगा जो पहले कभी नहीं हुआ। जिहाद सभी धर्मों में चल रहा है, किसी भी धर्म जाति की महिलाओं का उत्पीड़न किसी को मंजूर नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि निर्भया की कारें खोखे गद्दारों को दी जाती हैं। हार के डर से स्थानीय निकायों के चुनाव टाले जा रहे हैं।
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