मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव 2026 के मद्देनज़र लागू की गई तीन दिन की शराबबंदी को चुनौती देने वाली याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला विस्तृत सुनवाई की मांग करता है और इसे अंतरिम स्तर पर तय नहीं किया जा सकता। अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई मार्च में तय की है। (Mumbai BMCElections 2026)
यह याचिका एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव रिटेल लिकर वेंडर्स की ओर से दायर की गई थी, जिसमें महाराष्ट्र सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत मुंबई में 14 जनवरी से 16 जनवरी तक शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। यह प्रतिबंध मुंबई कलेक्टर द्वारा जारी किया गया है। इस अवधि में देशी और विदेशी दोनों तरह की शराब की बिक्री पर रोक रहेगी।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 15 जनवरी को मतदान होना है, जबकि 16 जनवरी को मतगणना और नतीजों की घोषणा की जाएगी। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति अभय मंत्री की खंडपीठ ने की। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाए गए संवैधानिक और कानूनी सवालों पर गहराई से विचार करना आवश्यक है, जो अंतरिम राहत के स्तर पर संभव नहीं है।
याचिका में शराब विक्रेताओं के संगठन ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135-सी की प्रयोज्यता पर सवाल उठाया है। उनका तर्क है कि यह धारा मुख्य रूप से लोकसभा और विधानसभा चुनावों पर लागू होती है, न कि नगर निगम जैसे स्थानीय निकाय चुनावों पर। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से यह भी अनुरोध किया था कि यदि प्रतिबंध लगाना ही है तो उसे केवल मतदान के दिन और मतदान के घंटों तक सीमित रखा जाए।
सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, “हमारी राय में इस स्तर पर इस चुनौती पर तभी विचार किया जा सकता है, जब यह स्पष्ट हो कि मौजूदा नियम मनमाना है और यह व्यावसायिक गतिविधियों तथा पेशा करने के अधिकार पर अनुचित रोक लगाता है।” इसी आधार पर अदालत ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सरकारी वकील प्रियंका चव्हाण ने अदालत को बताया कि शराबबंदी का फैसला नगर निगम चुनावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और मतगणना पूरी होते ही 16 जनवरी को इसे हटा लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रतिबंध कानून के तहत पूरी तरह वैध है।
अदालत ने इस दलील को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि वार्ड स्तर के चुनावों में मतदाताओं की संख्या सीमित होती है और ईवीएम के जरिए मतगणना आमतौर पर दो से तीन घंटे में पूरी हो जाती है। ऐसे में 16 जनवरी को पूरे दिन शराबबंदी लागू नहीं रहेगी। (Mumbai BMCElections 2026)
वहीं, याचिकाकर्ता संगठन की ओर से अधिवक्ता सुरेश साब्राड और अमेय सावंत ने दलील दी कि करीब ढाई दिन की शराबबंदी से लाइसेंसधारी शराब विक्रेताओं को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने विशेष रूप से 14 जनवरी को प्रतिबंध लगाने पर सवाल उठाया, जब न तो प्रचार हो रहा है और न ही मतदान।
हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून में मतदान से एक दिन पहले, मतदान के दिन और मतगणना के दिन शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान साफ तौर पर मौजूद है और अंतरिम स्तर पर इस वैधानिक स्थिति की अनदेखी नहीं की जा सकती।
फिलहाल, शराबबंदी लागू रहेगी और इस मुद्दे पर अंतिम फैसला मार्च में होने वाली अगली सुनवाई में आने की संभावना है। (Mumbai BMCElections 2026)
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