मुंबई के प्रसिद्ध डब्बावाला समुदाय ने आगामी BMC चुनाव 2026 से पहले शिवसेना (UBT) का समर्थन वापस ले लिया है और अब उन्होंने महायूति गठबंधन का समर्थन करने की घोषणा की है। मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष टालेकर ने कहा कि 2017 में चुनाव के दौरान शिवसेना द्वारा किए गए वादे आज तक पूरे नहीं हुए। (Mumbai Dabbawalas)
मुंबई और महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के चुनाव एक ही चरण में 15 जनवरी, 2026 को होंगे और मतगणना 16 जनवरी को होगी। 2017 के BMC चुनाव में विभाजित शिवसेना ने 84 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा को 82 सीटें मिली थीं।
डब्बावालाओं का कहना है कि 2017 में शिवसेना ने उनके लिए कई वादे किए थे। इनमें पहली साल के लिए 5 करोड़ रुपये के सरकारी समर्थन के साथ स्वतंत्र कंपनी की स्थापना, साइकिल और पार्किंग सुविधाएं उपलब्ध कराना, डब्बावालाओं और उनके परिवारों की शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं में मदद करना, और मुंबई में एक डब्बावाला भवन का निर्माण शामिल था। लेकिन एसोसिएशन अध्यक्ष सुभाष टालेकर का कहना है कि इन वादों में केवल डब्बावाला भवन का निर्माण ही पूरा हुआ, बाकी सभी वादे अधूरे रहे।
इस कारण डब्बावालाओं ने शिवसेना (UBT) के प्रति अपनी निष्ठा वापस ले ली और महायूति गठबंधन को समर्थन देने का फैसला किया। टालेकर ने कहा कि उनकी प्राथमिकता अब उन पार्टियों पर है जो उनके समुदाय के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डब्बावालाओं का यह समर्थन BMC चुनाव में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। डब्बावाला समुदाय का मुंबई में बड़ा प्रभाव है, क्योंकि यह न केवल स्थानीय सेवाओं के लिए जाना जाता है बल्कि राजनीतिक समर्थन और मतों में भी उनकी भूमिका अहम होती है।
मुंबई में डब्बावाला समुदाय अपनी सटीक और भरोसेमंद डिलीवरी सेवा के लिए विश्व प्रसिद्ध है। उनके समर्थन का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि वे समाज में विश्वास और संगठन क्षमता रखते हैं। राजनीतिक पार्टियां अब उनकी अपेक्षाओं और वादों को ध्यान में रखते हुए चुनावी रणनीति तैयार कर रही हैं।
इस घटना ने यह भी दिखाया कि चुनावी वादों का पालन न करना राजनीतिक पार्टियों के लिए कितना नुकसानदेह हो सकता है। शिवसेना (UBT) के लिए यह चेतावनी है कि उन्होंने अपने पुराने समर्थकों के भरोसे को खो दिया है। दूसरी ओर, महायूति गठबंधन इस समर्थन को अपनी चुनावी ताकत बढ़ाने के लिए एक अवसर के रूप में देख रहा है। (Mumbai Dabbawalas)
संक्षेप में, BMC चुनाव 2026 से पहले मुंबई डब्बावालों द्वारा शिवसेना (UBT) का समर्थन वापस लेना राजनीतिक परिदृश्य में अहम बदलाव ला सकता है। उनके समर्थन के साथ महायूति गठबंधन की स्थिति मजबूत हो सकती है और यह दिखाता है कि चुनावी वादों को निभाना और समुदाय के हितों को प्राथमिकता देना कितना जरूरी है। (Mumbai Dabbawalas)
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