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Mumbai-Pune Expressway Traffic Jam: घंटों फंसे रहे वाहन

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Mumbai-Pune Expressway Traffic Jam: घंटों फंसे रहे वाहन

मुंबई: लॉन्ग वीकेंड की शुरुआत में ही मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर कर रहे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार सुबह एक्सप्रेसवे पर भीषण ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे दोनों दिशाओं में वाहनों की रफ्तार लगभग थम सी गई। कई यात्रियों ने बताया कि वे घंटों तक एक ही जगह फंसे रहे और ट्रैफिक बेहद धीमी गति से आगे बढ़ता रहा। (Mumbai-Pune Expressway Traffic Jam)

मिली जानकारी के अनुसार, इस भारी जाम की मुख्य वजह बिना पूर्व सूचना के किया गया सड़क मरम्मत कार्य और वीकेंड के कारण बढ़ा हुआ यातायात रहा। शुक्रवार देर रात एक टोल प्लाजा के पास नई तारकोल (टारमैके) बिछाने का काम शुरू किया गया था, जिसके चलते दो लेन बंद कर दी गईं। इससे एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा बॉटलनेक बन गया, जिसका असर शनिवार सुबह तक बना रहा।

यात्रियों के अनुसार, जाम की स्थिति खास तौर पर बोर्घाट (Bor Ghat) सेक्शन में बेहद गंभीर हो गई। यहां कई जगहों पर ट्रैफिक पूरी तरह रुक गया। स्थानीय समाचार पोर्टल के हवाले से बताया गया कि भारी ट्रकों ने एक से ज्यादा लेन घेर रखी थीं, जिससे छोटे वाहनों के लिए निकलने का रास्ता तक नहीं बचा। इसी दौरान एक वाहन के खराब हो जाने से स्थिति और बिगड़ गई और यातायात सिर्फ एक लेन तक सिमट कर रह गया।

हालात तब और खराब हो गए जब शुक्रवार देर रात गहुंजे (Gahunje) के पास एक सड़क दुर्घटना हुई। हालांकि हादसे का सीधा असर सुबह के ट्रैफिक पर पड़ा या नहीं, इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन यात्रियों का कहना है कि इस घटना ने पहले से जाम झेल रहे एक्सप्रेसवे पर दबाव और बढ़ा दिया। (Mumbai-Pune Expressway Traffic Jam)

कई मोटरिस्ट्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी नाराज़गी जाहिर की। लोगों ने ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए लिखा कि इतने व्यस्त एक्सप्रेसवे पर बिना प्लानिंग के मरम्मत कार्य शुरू करना यात्रियों के साथ अन्याय है। कुछ यूज़र्स ने यह भी कहा कि उन्हें पानी, ईंधन और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के बिना घंटों गाड़ियों में फंसे रहना पड़ा।

परिवार के साथ यात्रा कर रहे लोगों, बुज़ुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई यात्रियों ने बताया कि मुंबई से पुणे का सफर, जो आमतौर पर ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाता है, उन्हें छह से सात घंटे में तय करना पड़ा।

हालांकि ट्रैफिक पुलिस और एक्सप्रेसवे प्रशासन की ओर से जाम को नियंत्रित करने की कोशिशें की गईं, लेकिन भारी भीड़ और सीमित लेन के कारण राहत मिलने में काफी वक्त लग गया। देर सुबह के बाद कहीं जाकर ट्रैफिक धीरे-धीरे सामान्य होना शुरू हुआ।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि वीकेंड और छुट्टियों के दौरान एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर मरम्मत कार्य की योजना क्यों नहीं बनाई जाती। यात्रियों की मांग है कि भविष्य में इस तरह के काम रात के समय सीमित अवधि में पूरे किए जाएं और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाया जाए, ताकि लोगों को घंटों जाम में फंसने से बचाया जा सके।  (Mumbai-Pune Expressway Traffic Jam)

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