नासिक : नासिक जिला सत्र न्यायालय ने नासिक बाफना नरसंहार मामले में दो आरोपियों को मौत की सजा सुनाई है। 2012 में एक युवक बिपिन बाफना का अपहरण कर 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई थी। आज की सुनवाई में दोनों आरोपी अमन जाट और चेतन पगारे को फांसी की सजा सुनाई गई है।
नासिक में साढ़े नौ साल पहले एक बच्चे का अपहरण कर 500 रुपये की फिरौती के लिए हत्या कर दी गई थी। 8 जून 2013 को एक घटना हुई थी जिसमें वसंत विहार ओझर के मृतक विपिन गुलाबचंद बाफना, जो वसंत विहार के मूल निवासी थे, का अपहरण कर लिया गया था और एक अज्ञात व्यक्ति ने विपिन के मोबाइल फोन पर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी।
हालांकि पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद से आक्रोशित आरोपियों ने बिपिन बाफना की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने अपराध की गहन छानबीन के बाद इस हत्याकांड के संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मोक्का के तहत मामला दर्ज किया है.इस अपराध में पुलिस अधिकारियों, गवाहों और अंपायरों के बयान दर्ज किये गये हैं।
गत मंगलवार को नासिक की अदालत में ,आरोपी चेतन यशवंत पगारे, अमन मणिपत सिंह जाट को अदालत ने दोषी ठहराया है। जबकि अक्षय सुले, संजय पवार, पम्मी चौधरी को बरी कर दिया गया है। आज की सुनवाई में चेतन पगारे और अमन मणिपत सिंह जाट को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है।
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