बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवी मुंबई के वार्ड 17A का चुनाव रोका, भाजपा उम्मीदवार का नामांकन अवैध रूप से रद्द होने पर जताई आपत्ति (Navi Mumbai)
मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) के वार्ड नंबर 17A में होने वाले नगरसेवक चुनाव की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने पाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार का नामांकन पत्र रद्द करने में प्रथम दृष्टया अवैधता प्रतीत होती है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश शश्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम ए. अंखाड़े की खंडपीठ ने पारित किया।
यह याचिका निलेश छबूराव भोजाने द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने वाशी विभाग से 30 दिसंबर 2025 को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। 31 दिसंबर 2025 को हुई नामांकन की जांच (स्क्रूटनी) के दौरान उनके खिलाफ एक लिखित आपत्ति दाखिल की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उन्होंने अनधिकृत निर्माण किया है। इसी आधार पर उनका नामांकन रद्द कर दिया गया।
याचिकाकर्ता भोजाने ने हाईकोर्ट में दलील दी कि उनका नामांकन महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 10(1D) के गलत इस्तेमाल के कारण रद्द किया गया। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान केवल निर्वाचित और पद पर बैठे नगरसेवकों पर लागू होता है, न कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों पर। इसलिए, उनके खिलाफ इस धारा के तहत कार्रवाई करना कानूनन गलत है।
भोजाने की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि बिना किसी ठोस जांच और अवसर दिए नामांकन रद्द करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने अदालत से चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने और न्याय मिलने तक राहत देने की मांग की।
वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग और अन्य प्रतिवादियों की ओर से याचिका की सुनवाईयोग्यता पर सवाल उठाया गया। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 243ZG का हवाला देते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान न्यायालयों को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उनका तर्क था कि महाराष्ट्र में करीब नौ वर्षों बाद नगर निगम चुनाव कराए जा रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट ने 31 जनवरी 2026 तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न करने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल एक वार्ड में चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से पूरे नगर निगम चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अदालत ने कहा कि यदि नामांकन रद्द करने में प्रथम दृष्टया अवैधता दिखाई देती है, तो न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी हो जाता है। (Navi Mumbai)
इसी आधार पर अदालत ने वार्ड नंबर 17A के लिए चुनाव प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत प्रदान की। मामले की अगली सुनवाई बाद में की जाएगी।
इस फैसले को नवी मुंबई की राजनीति में अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह निर्णय चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और कानून के सही पालन को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। (Navi Mumbai)