जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नौगाम में हुए विस्फोट को लेकर सामने आई उन सभी रिपोर्टों का कड़ा खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रॉक्सी समूह, पीपल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF), का इस घटना से कोई संबंध है। शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में पुलिस ने इन दावों को “पूरी तरह झूठा, आधारहीन और शरारती” करार दिया। ( Nougam Blast)
गौरतलब है कि श्रीनगर स्थित नौगाम पुलिस स्टेशन में एक अचानक हुए विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई थी। यह घटना स्थानीय लोगों और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद चौंकाने वाली थी। विस्फोट की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि यह एक दुर्घटनावश हुआ ब्लास्ट था, न कि किसी आतंकी हमले का नतीजा। लेकिन हादसे के कुछ ही घंटे बाद सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में PAFF द्वारा इस विस्फोट की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया।
इन रिपोर्टों के जवाब में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा कि PAFF द्वारा किया गया दावा “झूठा और भ्रामक” है और ऐसे बयान केवल “गलत सूचना फैलाने तथा जनता में डर पैदा करने की कोशिश” हैं। पुलिस ने दोहराया कि इस विस्फोट में आतंकवाद से जुड़े किसी संगठन की कोई भूमिका नहीं है और घटना की जांच पारदर्शी तरीके से की जा रही है। ( Nougam Blast)
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट की प्रारंभिक रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि यह ब्लास्ट स्टेशन परिसर में रखी सामग्री के साथ जुड़े तकनीकी कारणों या हादसे की वजह से हुआ। जाँच दल ने स्थल से नमूने इकट्ठे किए हैं और एक विस्तृत फॉरेंसिक विश्लेषण भी जारी है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में गलत सूचनाएँ फैलाना न केवल जनता को गुमराह करता है, बल्कि जांच को भी प्रभावित करता है।
J&K पुलिस ने कहा कि कुछ “पाकिस्तान-समर्थित आतंकी संगठनों” द्वारा जिम्मेदारी लेने के दावे करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस विशेष मामले में ऐसा कोई भी दावा असत्य है। पुलिस ने कहा कि ऐसे बयान जान-बूझकर दिए जाते हैं ताकि सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव बनाया जा सके और लोगों के बीच भय का माहौल फैलाया जा सके। उन्होंने जनता से अपील की कि वे केवल आधिकारिक बयानों पर भरोसा करें। ( Nougam Blast)
इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में बेचैनी जरूर बढ़ी, लेकिन पुलिस और प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया ने स्थिति को नियंत्रण में रखा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है, और यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस ने कहा कि घटना का आतंकवाद से संबंध जोड़ने की कोशिश करने वालों पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, नौगाम विस्फोट को लेकर फैली अफवाहों पर पुलिस का यह बयान काफी महत्वपूर्ण है। इसने न केवल हादसे की प्रकृति को स्पष्ट किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि गलत दावे और अफवाहें फैलाकर किसी भी आतंकी संगठन को अपने प्रचार का मंच नहीं दिया जाएगा। पुलिस की सख्त प्रतिक्रिया से यह साफ है कि जाँच तथ्यों के आधार पर होगी, न कि किसी बाहरी या भ्रामक दावों के आधार पर।