मुंबई: अमोल मिटकरी ने अजित पवार के विमान हादसे को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ब्लैक बॉक्स का सच “जल्द” सामने आएगा, लेकिन उससे पहले 28 जनवरी को पायलटों की गतिविधियों का पूरा CCTV फुटेज और दिनक्रम महाराष्ट्र की जनता के सामने रखा जाना चाहिए। (PilotTransparency)
गौरतलब है कि 28 जनवरी को हुए विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया था। इस घटना के बाद से हादसे और संभावित साजिश को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज है। अमोल मिटकरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि ब्लैक बॉक्स जलने की स्थिति में है और डेटा रिकवरी के लिए उसे विदेश भेजा जाएगा। ऐसे में जब तक आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पायलटों की पूरी मूवमेंट सार्वजनिक की जानी चाहिए।
मिटकरी ने सवाल उठाया कि मूल पायलट ट्रैफिक में फंसने की बात कही गई थी, जिसके कारण अंतिम समय में पायलट बदले गए। उन्होंने पूछा कि पायलट साहिल मदन और यश घर से कितने बजे निकले, किस वाहन से निकले और किस मार्ग पर ट्रैफिक में फंसे? साथ ही हादसे में जान गंवाने वाले पायलट सुमित कपूर और शांभवी पाठक कब घर से निकले और उनकी यात्रा का विवरण क्या था? इन सभी स्थानों के CCTV फुटेज जारी किए जाने की मांग की गई है। (PilotTransparency)
इधर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा विमान की स्थिति की जांच जारी है, जिसमें 10 से 15 दिन लग सकते हैं। बताया जा रहा है कि ब्लैक बॉक्स को डिकोडिंग के लिए विदेश भेजने पर सरकार एक-दो दिनों में निर्णय ले सकती है। (PilotTransparency)
मिटकरी ने कहा कि पारदर्शिता से ही सभी अटकलों पर विराम लगेगा। अब देखना होगा कि सरकार उनकी मांग पर क्या रुख अपनाती है और जांच प्रक्रिया को कितनी तेजी से आगे बढ़ाया जाता है।
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