प्रकाश अंबेडकर पर अशोक चव्हाण: प्रकाश अबंडेकर की इच्छा ‘इंडिया’ के सामने आने की है; अशोक चव्हाण का बड़ा बयान. प्रकाश अंबेडकर क्या इसका जवाब देंगे? महाविकास अघाड़ी में लेंगे हिस्सा? पढ़ना…कोल्हापुर | 17 अगस्त 2023 : लोकसभा चुनाव बस कुछ ही महीने दूर हैं. ऐसे में सभी पार्टियां तैयारी में जुट गईं. ऐसे में बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस और सहयोगी दलों ने गठबंधन बनाया है. इस गठबंधन का नाम ‘इंडिया’ है. इस गठबंधन में देशभर की प्रमुख विपक्षी पार्टियां शामिल हैं. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा है कि वंचितों के नेता प्रकाश अंबेडकर को इस मोर्चे में शामिल होना चाहिए. मेरी व्यक्तिगत स्थिति यह है कि प्रकाश अम्बेडकर को भारत अघाड़ी में आना चाहिए। लेकिन इस पर फैसला वरिष्ठ नेता लेंगे. लेकिन अगर अम्देकर भारत के साथ आते हैं, तो उनके गठबंधन को फायदा होगा, अशोक चव्हाण ने कहा।
कुछ दिन पहले प्रकाश अंबेडकर ने माविया को लेकर अपना रुख साफ किया था. महाविकास अघाड़ी से हमारा कोई लेना-देना नहीं है. महाविकास अघाड़ी से हमारा कोई संबंध नहीं है. हमारा गठबंधन केवल ठाकरे समूह के साथ है।’ लेकिन प्रकाश अंबेडकर ने कुछ दिन पहले साफ कहा था कि उनका महाविकास अघाड़ी से कोई संबंध नहीं है. तो अशोक चव्हाण ने प्रकाश अंबेडकर का समर्थन किया है. लेकिन ये देखना ज़रूरी है कि क्या वो इस पर प्रतिक्रिया देंगे.
अशोक चव्हाण ने बीजेपी के राजनीतिक रुख की आलोचना की है. तोड़-फोड़ कर प्रत्याशी दिये जाते हैं. कहा जाता है कि यहां कोई भाई-भतीजावाद नहीं है. हम उसी को उम्मीदवारी देने जा रहे हैं जिसे हमने चुना है. भाजपा ने प्रदेश में कितना विनाश किया है? हमारे नए गठबंधन का झटका बीजेपी ने झेला है. अपने साथ मौजूद 40 लोगों से पहले तय करें कि आपको क्या करना है. अगर आपके पास बहुमत है तो आपको दूसरी पार्टियों के नेताओं की जरूरत क्यों है?, अशोक चव्हाण ने सवाल उठाया है.
अशोक चव्हाण ने इच्छा जताई है कि कोल्हापुर लोकसभा सीट भी कांग्रेस को मिलनी चाहिए. मैं चाहता हूं कि कांग्रेस कोल्हापुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़े. क्योंकि हमारे यहां अच्छा माहौल है. यहां कई सालों से कांग्रेस का अच्छा माहौल रहा है. उन्होंने कहा कि हमारा उम्मीदवार निर्वाचित हो सकता है.
राज्य में शिक्षकों के लिए बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं. कई विभागों में डॉक्टर नहीं है, स्टाफ नहीं है लेकिन ये सरकार रिक्तियां नहीं भरती. ये सरकार स्थानीय निकाय चुनाव नहीं कराती. अशोक चव्हाण ने बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा है कि सरकार को डर है कि इस सरकार का असर लोकसभा और विधानसभा पर पड़ेगा.
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