ठाणे: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मुंब्रा से AIMIM की नवनिर्वाचित और सबसे युवा नगरसेविका सहर शेख अपने एक बयान को लेकर चर्चा में आ गईं। चुनाव जीतने के बाद अपने विजय भाषण में उन्होंने कहा था कि वह “आने वाले पांच सालों में पूरे मुंब्रा को हरा (ग्रीन) बना देंगी।” (Sahr Shaikh Apologizes for Comment)
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया और इसे लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया।
बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने सहर शेख के इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए मुंब्रा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। सोमैया का आरोप था कि “मुंब्रा को हरा बनाने” की बात कहकर सहर शेख ने हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने इसे भड़काऊ और सांप्रदायिक बयान करार दिया।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने सहर शेख से पूछताछ की। मामले के तूल पकड़ने के बाद सहर शेख ने लिखित रूप में अपने बयान के लिए माफी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान का कोई धार्मिक या सांप्रदायिक अर्थ नहीं था, बल्कि वह अपनी पार्टी AIMIM के झंडे के रंग की ओर इशारा कर रही थीं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत के तिरंगे का पूरा सम्मान करती हैं और देश के संविधान व कानून के प्रति पूरी तरह निष्ठावान हैं।
सहर शेख ने अपनी माफी में कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और उनका उद्देश्य किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के तौर पर सभी समुदायों को साथ लेकर काम करेंगी और मुंब्रा के विकास पर ध्यान देंगी।
बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सहर शेख द्वारा लिखित माफी मांगे जाने के बाद बीजेपी ने उनकी माफी स्वीकार कर ली है। हालांकि, उन्होंने AIMIM की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के बयान समाज में भ्रम और तनाव पैदा करते हैं। सोमैया ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को बयान देते समय बेहद सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि उनके शब्दों का असर बड़े स्तर पर पड़ता है।
गौरतलब है कि सहर शेख ने चुनाव जीतने के बाद अपने भाषण में “कैसा हराया” जैसे नारे लगाते हुए यह बयान दिया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश बताया, तो वहीं कुछ समर्थकों ने इसे राजनीतिक बयान करार दिया। (Sahr Shaikh Apologizes for Comment)
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुंब्रा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जहां AIMIM इसे बेवजह का विवाद बता रही है, वहीं बीजेपी इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए जनभावनाओं से जोड़ रही है। फिलहाल, सहर शेख की माफी के बाद मामला शांत होता नजर आ रहा है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि राजनीतिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों की सीमा और जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए। (Sahr Shaikh Apologizes for Comment)
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