ठाणे के गांधी नगर इलाके से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने एक बार फिर मराठी बनाम गैर-मराठी भाषाई विवाद को हवा दे दी है। इस वीडियो में कुछ नॉन-मराठी युवक, जो नशे की हालत में दिखाई दे रहे हैं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में वे यह दावा भी करते हुए नजर आते हैं कि “यह बृहन्मुंबई नहीं, गांधी नगर है, यहां हमारी चलेगी।” इस बयान ने स्थानीय लोगों में नाराजगी पैदा कर दी है और मामले ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। (Thane update)
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विवाद एक छोटे से पार्किंग झगड़े से शुरू हुआ था। एक मराठी युवक और इन गैर-मराठी युवकों के बीच पार्किंग को लेकर बहस हुई, लेकिन मामला कुछ ही मिनटों में तीखा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नॉन-मराठी युवकों ने न केवल झगड़ा बढ़ाया बल्कि मराठी युवक को डराने-धमकाने की भी कोशिश की। वीडियो में वे उसे धमकी देते हुए सुनाई देते हैं कि “अगर कोई मराठी आदमी यहां आया तो उसे नहीं छोड़ा जाएगा।” इस धमकी ने इलाके में तनाव का माहौल बना दिया है। (Thane update)
इस झगड़े के दौरान ही युवकों ने एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे और उनके करीबी सहयोगी अविनाश जाधव के बारे में भी बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। वे दोनों के नाम लेकर अपमानजनक तरीके से नारे लगाते दिखाई देते हैं। चूंकि एमएनएस हमेशा से मराठी अस्मिता का मुद्दा उठाती रही है, इसलिए इस घटना ने राजनीतिक स्तर पर हलचल मचा दी है। राज ठाकरे और एमएनएस के समर्थकों के बीच यह वीडियो गुस्से का कारण बना हुआ है, और कई लोगों ने इसे मराठी समुदाय का अपमान बताया है।
घटना के बाद गांधी नगर क्षेत्र में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका मिश्रित आबादी वाला है और आम तौर पर यहां किसी तरह का तनाव नहीं होता, लेकिन इस घटना ने एक असहज स्थिति पैदा कर दी है। पुलिस ने कहा है कि वे वीडियो की जांच कर रहे हैं और जिन लोगों की पहचान हो सकेगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एमएनएस नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रिया आने लगी है। पार्टी के कुछ स्थानीय पदाधिकारियों ने कहा है कि राज ठाकरे और मराठी मानुष का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, लेकिन वे चाहते हैं कि कानून अपना काम करे और अनावश्यक हिंसा या तनाव न बढ़े। सोशल मीडिया पर यह वीडियो लगातार शेयर किया जा रहा है, जिससे बहस तेज हो गई है कि क्या मुंबई और उसके आस-पास के शहरों में भाषाई और सांस्कृतिक टकराव एक बार फिर उभर रहा है।
इस घटना ने याद दिला दिया है कि भाषा और पहचान जैसे मुद्दे कितनी आसानी से उग्र हो सकते हैं। फिलहाल प्रशासन शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, जबकि स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि कानून जल्द कार्रवाई करे और इलाके में सामान्य स्थिति बहाल हो। (Thane update)
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