मुम्बईकरों की लापरवाही दे रही है कोरोना की तीसरी लहर को आमंत्रण!

महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार ने कोरोना (Corona) की जानलेवा दूसरी लहर को लॉकडाउन (Lockdown) लगाकर काफी हदतक काबू कर लिया है। जिसके बाद उद्धव सरकार ने लॉकडाउन की मार झेल रही राज्य की जनता की पीड़ा को समझते हुए 1 जून से प्रदेशभर में अनलॉक की प्रक्रिया की तहत राहत देने की शुरुआत कर दी है। अनलॉक के लिए महाराष्ट्र सरकार ने पांच स्तरीय योजना भी लागू की है। जिसके मुताबिक महाराष्ट्र की राजधानी मुम्बई को लेवल 3 में रखा गया है। जबकि मुम्बई में कोरोना की स्थिति लेवल 1 की है। लेकिन अब महाराष्ट्र पर कोरोना की खतरनाक तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। जिसको लेकर कोविड टास्क फोर्स पहले ही उद्धव सरकार को आगाह कर चुका है।

कोविड टास्क फोर्स के अनुसार, महाराष्ट्र में
अगले 2 से 4 हफ़्तों में कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे सकती है। पर कोरोना की इस तीसरी लहर को आम जनता ही आमंत्रण देने का काम कर रही है। एक बार फिर अनलॉक होते ही लोग लापरवाह और गैर जिम्मेदार रवैया अपनाते हुए नजर आ रहे हैं। महाराष्ट्र की राजधानी मुम्बई में भी लोगों के लापरवाह रवैये को साफ देखा जा सकता है।

महाराष्ट्र की राजधानी मुम्बई में लोग बिना मास्क या ठीक से मास्क लगाए बिना भीड़भाड़ वाले बाजारों में घूमते हुए नजर आ रहे हैं। इससे साबित होता है कि मुम्बईकर भी कोरोना की तीसरी लहर को लेकर बेफिक्र नजर आ रहे हैं। शायद अब मुंबईकरों ने भी अप्रैल और जून के बीच कोरोना की जानलेवा दूसरी लहर द्वारा मचाए तांडव को भूला दिया है।

महाराष्ट्र कोविड टास्कफोर्स ने सीएम ठाकरे के साथ हुई बैठक में बताया कि प्रदेश में कोरोना की जानलेवा तीसरी लहर अगले दो से चार हफ्तों में असर दिखाना शुरू कर सकती है। कोरोना की तीसरी लहर में दूसरी लहर के मुकाबले दोगुने लोगों के संक्रमित होने की संभावना है। वहीं सक्रिय मरीजों की संख्या भी आठ लाख के आंकड़ों को पार कर सकती है।

आमतौरपर किसी भी वायरस की लहर एक के बाद एक आती है। पर इन लहरों का असर आम जनता की सावधानी और जागरूकता पर निर्भर करता है। लेकिन जब से महाराष्ट्र में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई है। तब से लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने जैसे कोरोना प्रोटोकॉल को भूला दिया है। अब मुम्बई में लापरवाही का आलम बड़े पैमाने पर नजर आ रहा है।

आपको मालूम हो कि अभी भी महाराष्ट्र में रोजाना करीब 1 हजार लोगों की कोरोना से मौत हो रही है। फिर भी यहां जनता की लापरवाही सरकार से लेकर बीएमसी को हैरान-परेशान कर रही है। अब मुम्बई में लोग मास्क सिर्फ पुलिस और बीएमसी मार्शलों से बचने के लिए पहन रहे हैं। वहीं अब मुम्बई में सोशल डिस्टेंसिंग का तो नामोनिशान मिट गया है।

जैसे ही कोरोना की दूसरी लहर के मामले थोड़े गिरने लगे। वैसे ही मुंबईकरों के अंदर से एक बार फिर कोरोना का डर खत्म होते हुए नजर आ रहा है। मुम्बईकरों के इसी लापरवाही भरे रवैये कोमेट्रो मुम्बई की टीम ने अपने कैमरे में कैद किया है। आप यह जो लापरवाही की तस्वीरें देख रहे हैं, वो उत्तर मुम्बई के बोरीवली पश्चिम इलाके की है। इन लोगों को देखकर लग रहा है कि अब इनके मन से कोरोना का भय पूरी तरीके से निकल चुका है। इसी वजह से लोग मुम्बई में इतनी लापरवाही बरतते हुए नजर आ रहे हैं।

इन लापरवाही भरी तस्वीरों को देखकर यकीन नहीं होता कि यह तस्वीरें उस महाराष्ट्र राज्य की है। जहां अब तक कोरोना से 1 लाख 15 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। लगता है कि मुम्बईकर को यह अंदाज नहीं है कि अभी कोरोना का खतरा कम हुआ है, टला नहीं है। क्योंकि महाराष्ट्र में अभी भी कोरोना से रोजाना औसतन 1 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। इससे आप अंदाजा लगा सकते है कि कोरोना की जानलेवा तीसरी लहर कितना ज्यादा तांडव मचा सकती है। सोचिए अगर कोरोना की तीसरी लहर में मामले दूसरी लहर के मुकाबले दोगुनी रफ्तार से बढ़ेंगे, तब क्या स्थिति होगी?

वहीं महाराष्ट्र कोविड टास्क फोर्स ने मुख्यमंत्री सीएम ठाकरे के साथ हुई बैठक में कोरोना के खतरनाक डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर भी चेतावनी दी है। यह कोरोना के पहले की वैरिएंट के तुलना में बेहद ज्यादा खतरनाक है। इसी डेल्टा प्लस वैरिएंट से महाराष्ट्र में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना है। एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर डेल्टा प्लस वायरस महाराष्ट्र में फैल गया तो, कोरोना की दूसरी लहर से भी कई गुना ज्यादा तबाही मचाएगा। इसी खतरे के मद्देनजर केंद्र से लेकर राज्य सरकार वैक्सीन पर ज्यादा से ज्यादा जोर दे रही है।

पर वैक्सीन लगने के बाद भी लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि मुम्बई में कोरोना से ठीक हुए लोगों को ब्लैक फंगस भी शिकार बना रहा है। हालही में मुम्बई में ब्लैक फंगस से संक्रमित तीन बच्चों की डॉक्टरों को मजबूरन आंखें निकालनी पड़ी है। इन बच्चों की उम्र 4 से 14 साल के बीच है। यह तीनों बच्चों कोरोना वायरस से शिकार हुए थे।

मुम्बईकरों को समझना होगा कि कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है, अभी भी उनके पास इस तीसरी लहर को आने से रोकने के लिए समय है। फिलहाल मुम्बई में डेल्टा वायरस से दो मरीज संक्रमित हुए हैं और दोनों रिकवर भी हो चुके हैं। अब मुम्बई में लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैये के लिए थोड़ी भी जगह नहीं है। अगर हम अभी भी नहीं सुधरे तो, कोरोना की तीसरी लगभग तय है। और तीसरी लहर में मुंबईकरों को बेहद ज्यादा खराब स्थिति का सामना कर पड़ सकता है। क्योंकि कोरोना की तीसरी लहर कोरोना की दूसरी लहर के मुकाबले कई गुना ज्यादा खतरनाक होगी। पिछले वर्ष भी मुम्बईकरो की लापरवाही से ही कोरोना की दूसरी लहर ने इस वर्ष की शुरुआत में दस्तक दी थी। इस दूसरी लहर में हजारों मुंबईकरों ने अपने प्रियजनों को इलाज और दवाइयों के आभाव में खो दिया था।

Report by : Rajesh Soni

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