महाराष्ट्र सरकार ने ‘तीसरी मुंबई’ के विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। मंगलवार, 10 फरवरी को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अटल सेतु (मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक) के प्रभाव क्षेत्र में लगभग 200 वर्ग किलोमीटर इलाके के विकास के लिए नई भूमि अधिग्रहण और आवंटन नीति को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले से नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित शहरी विकास को गति मिलने की उम्मीद है। (Third Mumbai)
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना के लिए चिन्हित करीब 200 वर्ग किलोमीटर भूमि मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) को सौंप दी गई है। एमएमआरडीए अब ‘तीसरी मुंबई’ परियोजना की नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगी और पूरे विकास कार्य की निगरानी करेगी।
सरकार द्वारा स्वीकृत नई नीति के तहत भूमि पूलिंग, अधिग्रहण और वितरण के लिए एक स्पष्ट और व्यवस्थित ढांचा तैयार किया गया है। यह नीति न्यू टाउन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अंतर्गत आने वाले इलाकों के साथ-साथ भविष्य में एमएमआरडीए द्वारा संचालित अन्य परियोजनाओं पर भी लागू होगी। इसका उद्देश्य जमीन से जुड़े विवादों को कम करना और विकास प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।
अधिकारियों के अनुसार, अटल सेतु के आसपास का क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। इस नई नीति से समुद्री पुल कॉरिडोर के आसपास योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे अनियंत्रित निर्माण पर रोक लगेगी। साथ ही सड़क, परिवहन, आवास, वाणिज्यिक केंद्र और औद्योगिक ढांचे जैसे बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा सकेगा।
‘तीसरी मुंबई’ परियोजना को मुंबई पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए एक वैकल्पिक शहरी केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। इसके जरिए न केवल आवासीय सुविधाओं में इजाफा होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक क्षमता को नया आयाम मिलेगा। (Third Mumbai)
कुल मिलाकर, कैबिनेट का यह फैसला मुंबई महानगर क्षेत्र के दीर्घकालिक और संतुलित विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है,
जिससे आने वाले वर्षों में शहरी परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। (Third Mumbai)
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