मुंबई के विवेक कॉलेज में लागू किए गए ड्रेस कोड को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। छात्रों के विरोध और लगातार बढ़ते दबाव के बाद कॉलेज प्रशासन ने बुर्का पहनने पर लगाए गए प्रतिबंध को हटा लिया है। हालांकि, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कॉलेज परिसर में चेहरा ढकने पर रोक अब भी जारी रहेगी। (Vivek College)
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब कॉलेज प्रशासन ने एक आंतरिक सर्कुलर जारी कर परिसर में बुर्का, नकाब और चेहरा ढकने वाले अन्य परिधानों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। इस फैसले को लेकर बड़ी संख्या में छात्रों, खासकर छात्राओं ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि यह आदेश धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन है।
प्रतिबंध के विरोध में छात्रों ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया और प्रशासन से बातचीत की मांग की। छात्रों का तर्क था कि बुर्का पहनना उनकी व्यक्तिगत और धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला है, और इससे किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या सुरक्षा समस्या नहीं होती। धीरे-धीरे यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया, जिससे कॉलेज प्रशासन पर दबाव बढ़ा।
लगातार विरोध और संवाद के बाद कॉलेज प्रशासन ने अपने फैसले पर पुनर्विचार किया। कॉलेज की ओर से जारी नए बयान में स्पष्ट किया गया कि बुर्का पहनने पर अब कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा और छात्राएं अपनी इच्छा के अनुसार इसे पहन सकती हैं। प्रशासन ने यह भी कहा कि वह सभी समुदायों की भावनाओं और अधिकारों का सम्मान करता है।
हालांकि, कॉलेज ने यह भी साफ किया कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए चेहरा पूरी तरह ढकने पर रोक जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि कॉलेज परिसर में पहचान सुनिश्चित करना सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति या अनुशासन संबंधी मामले में छात्रों की पहचान में कठिनाई न हो। इसलिए नकाब या ऐसा कोई परिधान जिससे चेहरा पूरी तरह ढक जाए, उसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस फैसले पर छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कई छात्रों ने बुर्का प्रतिबंध हटाए जाने का स्वागत किया है और इसे संवाद की जीत बताया है। वहीं, कुछ छात्राओं का कहना है कि चेहरा ढकने पर रोक अभी भी उनकी धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करती है। उनका मानना है कि सुरक्षा के नाम पर वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती थी।
शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में संतुलन बनाना जरूरी होता है। एक ओर जहां संस्थानों की सुरक्षा और अनुशासन की जिम्मेदारी होती है, वहीं दूसरी ओर छात्रों के मौलिक अधिकारों और विविधताओं का सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। (Vivek College)
फिलहाल, विवेक कॉलेज में स्थिति सामान्य बताई जा रही है और कक्षाएं नियमित रूप से चल रही हैं। कॉलेज प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में किसी भी तरह के फैसले से पहले छात्रों से संवाद किया जाएगा, ताकि इस तरह के विवाद दोबारा न खड़े हों। (Vivek College)