भारत में 5G का इंतजार खत्म, नए साल में इन 13 शहरों में शुरू होगी सेवा

देश में इंटरनेट यूजर्स के लिए एक खुशखबरी है। क्योंकि नए साल में देश एक बड़ी डिजिटल क्रांति के लिए लगभग तैयार हो चुका है। दूरसंचार विभाग द्वारा शुरू की गई स्वदेशी 5G परीक्षण योजना अब अपने अंतिम चरण में है। यह सेवा अगले साल तक देश के प्रमुख शहरों में शुरू की जाएगी।

विभाग के अधिकारियों ने कहा कि, ‘परीक्षण प्रक्रिया 31 दिसंबर, 2021 तक शुरू हो जाएगी। एयरटेल, जियो, वोडाफोन आइडिया सहित टेलीकॉम ऑपरेटरों ने गुरुग्राम, बैंगलोर, कोलकाता, मुंबई, चंडीगढ़, दिल्ली, जामनगर, अहमदाबाद, चेन्नई, हैदराबाद, लखनऊ, पुणे और गांधीनगर में 5G परीक्षण केंद्र स्थापित किए हैं। इन महानगरों और देश के कुछ बड़े शहरों में अगले साल 5जी सेवाएं शुरू की जाएंगी।

दूरसंचार विभाग ने 2021 में इस प्रक्रिया में सफलता हासिल की। जिसके बारे में जानकारी दी गई है। भारत में, सितंबर महीने में विभिन्न सुधारों की घोषणा की गई थी। जिसमें इंटरनेट से लेकर दूरसंचार क्षेत्र में आर्थिक समस्या को दूर करना और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल टावरों की स्थापना करना शामिल है। ये बहुत महत्वपूर्ण घटनाएँ हैं।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, विशेष रूप से दूरसंचार क्षेत्र में एफडीआई प्रवाह 2014 और 2021 के बीच 1 लाख 55 हजार 353 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
जोकि साल 2002 से 2014 तक यही एफडीआई 62 हजार 386 करोड़ रुपये था। वहीं दूरसंचार विभाग द्वारा वित्त पोषित 5G परीक्षण योजना अंतिम चरण में है।

5G को लागू करने में अहम रोल:

5G सेवा को लागू करने वाली आठ प्रमुख एजेंसियों में IIT मुंबई, IIT दिल्ली, IIT हैदराबाद, IIT मद्रास, IIT कानपुर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बैंगलोर, सोसाइटी फॉर एप्लाइड माइक्रोवेव इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग एंड रिसर्च और सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन वायरलेस टेक्नोलॉजी शामिल है।

सूत्रों के मुताबिक, 5जी तकनीक को लागू करने की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है और इसे 31 दिसंबर, 2021 तक पूरा किया जा सकता है। इस योजना पर करीब 224 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह देश में 5G उपकरणों और नेटवर्क उपकरणों के परीक्षण का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

5G सेवा का फायदा:

5जी के आने से स्मार्टफोन की दुनिया पूरी तरह बदल जाएगी। एक अनुमान के मुताबिक, 5जी की स्पीड 4जी से 10 गुना तेज होती है। 5जी सेवा के शुरू होने के बाद एक नई डिजिटल क्रांति आएगी। इससे देश की अर्थव्यवस्था को काफी फायदा होगा। ई-गवर्नेंस का विस्तार होगा। कोरोना संकट में देश के ज्यादातर सिस्टम इंटरनेट पर निर्भर थे। इसलिए 5जी सेवाओं के आने से ये सेवाएं और भी आसान हो जाएंगी।

 

Reported By – Rajesh Soni

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