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BangladeshFactCheck: शेख हसीना को बांग्लादेश की इंटरनॅशनल कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

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BangladeshFactCheck: शेख हसीना को बांग्लादेश की इंटरनॅशनल कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों में दोषी ठहराते हुए बांग्लादेश की इंटरनॅशनल कोर्ट (ICT-BD) ने फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उनके खिलाफ पिछले साल जुलाई में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान मानवता के खिलाफ किए गए अपराधों के मामले में यह फैसला सुनाया। हालांकि, शेख हसीना इस समय भारत में ठहरी हुई हैं, लेकिन बांग्लादेश में इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। (BangladeshFactCheck)

शेख हसीना का जन्म 28 सितंबर 1947 को ढाका, बांग्लादेश में हुआ। वे बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की सबसे बड़ी पुत्री हैं। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने पूर्व बंगाल के तुंगीपारा क्षेत्र में प्राप्त की। प्रारंभ में उन्हें राजनीति में ज्यादा रुचि नहीं थी, लेकिन 1966 में ईडन कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उन्होंने राजनीति में कदम रखा। छात्र संघ की चुनाव लड़कर वे उपाध्यक्ष बनीं और बाद में अवामी लीग की छात्र इकाई का नेतृत्व भी संभाला।

शेख हसीना ने अपने राजनीतिक करियर में अवामी लीग के माध्यम से बांग्लादेश की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाई। हालांकि, इंटरनॅशनल कोर्ट ने उनके खिलाफ यह फैसला सुनाते हुए कहा कि जुलाई-ऑगस्ट 2024 के दौरान हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों में उन्होंने और उनके साथियों ने सीधे तौर पर उत्पीड़न और अत्याचार की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। कोर्ट के अनुसार, इस आंदोलन के दौरान कई निर्दोष लोगों की जानें गईं और मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ। (BangladeshFactCheck)

इस historic फैसले के तहत शेख हसीना के साथ ही पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामुन और पूर्व गृह मंत्री असदुज्ज़मान खान कमाल को भी दोषी पाया गया और मृत्यु दंड सुनाया गया। कोर्ट ने शेख हसीना को गैरहाजिर होकर (in absentia) ट्रायल किया क्योंकि वे भारत में थीं और वहां से उपस्थित नहीं हो सकीं।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस फैसले के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक वातावरण और अधिक संवेदनशील हो सकता है। देश में विरोध और समर्थन दोनों ही तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। जबकि समर्थक इसे न्याय की जीत मान सकते हैं, विपक्ष इसे राजनीतिक कार्रवाई के रूप में देख सकता है। (BangladeshFactCheck)

शेख हसीना की राजनीतिक पहचान, उनके पिता की विरासत और उनके नेतृत्व का इतिहास बांग्लादेश की राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इस सजा ने उन्हें इतिहास में एक विवादास्पद स्थिति में ला दिया है, और यह मामला आने वाले दिनों में दोनों देशों के राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण पर असर डाल सकता है।

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