देश में सोने की बढ़ती मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच केंद्र सरकार द्वारा गोल्ड इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के फैसले को लेकर अब जेम और ज्वेलरी उद्योग की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। Gem and Jewellery Council ने सरकार के इस फैसले का समर्थन करते हुए इसे देशहित में उठाया गया संतुलित और अस्थायी कदम बताया है। (gold import duty)
सरकार ने सोने की प्रभावी इम्पोर्ट ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है। इस फैसले के बाद बाजार और कारोबारियों के बीच चिंता की स्थिति देखी जा रही थी, लेकिन परिषद के चेयरमैन Rajesh Rokde ने व्यापारियों से घबराने की बजाय धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
राजेश रोकड़े ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और विदेशी मुद्रा पर बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। उनके मुताबिक, यह कदम अस्थायी है और इसका उद्देश्य देश की आर्थिक स्थिरता बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि जेम और ज्वेलरी उद्योग पहले भी कई आर्थिक उतार-चढ़ाव और नीतिगत बदलावों का सामना कर चुका है, इसलिए इस बार भी उद्योग मजबूती के साथ स्थिति से निपट लेगा।
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि उद्योग जगत लगातार सरकार और नीति निर्माताओं के संपर्क में है ताकि व्यापार पर अनावश्यक असर न पड़े और आगे स्थिरता बनी रहे। परिषद ने कहा कि सरकार और उद्योग के बीच संवाद जारी है और आने वाले समय में व्यापार को संतुलित रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर असर पड़ सकता है। इससे ज्वेलरी की खरीद महंगी हो सकती है और मांग में अस्थायी गिरावट भी देखने को मिल सकती है। हालांकि सरकार का उद्देश्य विदेशी मुद्रा बचाना और गैर-जरूरी आयात पर नियंत्रण रखना बताया जा रहा है। (gold import duty)
इसी बीच कई कारोबारियों का कहना है कि शादी और त्योहारों के सीजन में इसका असर ग्राहकों की खरीदारी पर दिखाई दे सकता है। बावजूद इसके, उद्योग संगठनों ने उम्मीद जताई है कि बाजार धीरे-धीरे नई व्यवस्था के अनुसार खुद को ढाल लेगा। (gold import duty)
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