कई बार अच्छे और फिट रहने के बावजूद भी हार्ट अटैक के शिकार हो जाते हैं ये बीमारी युवाओं में तेजी से देखने मिल रही हैं एम्बुलेंस समय से नहीं पहुंचने पर आप उस इंसान की जान बचा सकते हैं जी हां आप CPR की ट्रैंनिंग की मदत से आप किसी व्यक्ति की जान बचा सकते हैं
वर्तमान समय में जिस तरह से युवाओं में दिल की बीमारी का ख़तरा बढ़ रहा हैं उससे सबक लेते हुए दिल की बीमारी से जुड़ी इस ट्रैंनिंग के बारे में सबको पता होना चाहिए आइए जानते हैं की दिल का दौरा पड़ने पर कैसे जान बचायी जा सकती है।
CPR ट्रैंनिंग कब और कैसे दी जाती हैं ?
यह ट्रैंनिंग अचानक से हृदय गति रुक जाने पर पुनः प्रारंभ करने की प्रक्रिया होती हैं जिससे ऑक्सीजन लेवल फेफड़ों में जाकर हमारी हृदय गति को पुनः सामन्य करके प्रारंभ कर सके सीपीआर ट्रैंनिंग कई गंभीर स्थितियों में दिया जा सकता हैं हार्ट अटैक आने पर हाईपोवाल्मीक शॉक होने पर,बेहोस होने पर,बिजली का झटका लगने पर,कमजोर दिल वाले व्यक्ति को बचाया जा सकता हैं
सीपीआर में पीड़ित की छाती को जोर -जोर से दबाया जाता हैं जिससे उसकी हृदय गति वापस आ सकती हैं हार्टफ़ैल होने पर मरीज के पास 2 मिनट का ही वक्त होता हैं ऐसे में सीपीआर ही एक मात्र उपाय हैं हार्ट अटैक में ये काम नहीं करता
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