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उत्तरायण में कुछ ही दिन बचे है लोगो और पक्षियों की रक्षा के कौन से लिए नियम लागू होंगे?

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14 जनवरी यानी कि मकर सक्रांति हर बच्चे को पतंग पसंद है, तभी तो मकर सक्रांति आने के एक दो महीने पहले से ही लोग पतंग उड़ाना शुरू कर देते है। मकर सक्रांति के दिन लोगों में पतंग उड़ाने की इतनी उल्लास होती है कि उस दिन के पहले पतंग खरीदने में व्यस्त रहते हैं। गुजरात राज्य में उत्तरायण पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
उत्तरायण के त्योहार में कुछ ही दिन बचे हैं, इस त्योहार के दौरान लोगों और पक्षियों के जीवन की रक्षा के लिए गुजरात उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी। जिसमें ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सख्ती से लागू करने की मांग के साथ अर्जी दी गई थी। जिसके तहत याचिकाकर्ता ने चीनी रस्सी और तुक्कल के साथ-साथ नायलॉन की रस्सी को मजबूत करने के लिए उसमें कांच मिलाया जाता है जिसके खिलाफ विशिष्ट कार्रवाई करने की बात कही थी। जो की आम तौर पर इंसानों और जानवरों के लिए काफी हानिकारक साबित होते हैं। राज्य के उच्च न्यायालय ने आज पूरे मामले की सुनवाई की और उच्च न्यायालय ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। इसके अलावा दो दिन के अंदर शपथ पत्र भी पेश करने का आदेश दिया।
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चीनी धागे और नायलॉन के धागे पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी करना ही काफी नहीं है. लेकिन उसका क्रियान्वयन भी जरूरी है। गुजरात हाई कोर्ट ने सख्त शब्दों में कहा कि घातक डोरियों से नागरिकों की मौत या चोट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे मामले में दो दिन बाद यानी छह जनवरी को विस्तृत सुनवाई की जाएगी।

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