सावधान: हिंदुस्तान में कभी भी हो सकता है जनसंख्या विस्फोट!

सावधान: हिंदुस्तान में कभी भी हो सकता है जनसंख्या विस्फोट!

हिंदुस्तान(INDIA) की लगातार बढती बेहिसाब आबादी (POPULATION) राष्ट्र को गरीबी और भूखमरी की ओर धकेल रही है। जिसके कारण आजादी के 70 साल बाद भी देश की आबादी का बड़ा हिस्सा बिजली, रोजगार, पानी, कपड़ा, मकान और शिक्षा इत्यादि जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। लगातार बढ़ती आबादी(POPULATION) के कारण महंगाई और बेरोजगारी के बढ़ने से गरीबों का जीवनस्तर बद से बदतर होते जा रहा है।

आबादी के दुष्प्रभाव:

अब आलम यह है कि हिंदुस्तान की बड़ी आबादी (POPULATION) को ना तो, ठीक से खाने को गुणवत्ता वाला भोजन और ना ही पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध हो पा रहा है। इसके अलावा बढती जनसंख्या के कारण देश की गरीब जनता भेड़ -बकरियों की तरह बस और ट्रेनों में यात्रा करने के लिए मजबूर है।

सामाजिक संरचना में बदलाव:

वहीं लगातार बढ़ती आबादी (POPULATION) के कारण देश के कई जिलों में बहुसंख्यक आज अल्पसंख्यक हो चुके हैं। जिससे देश के सामाजिक संरचना में काफी बदलाव हो रहा है। वहीं इस वजह से साम्प्रदायिक तनाव की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है।

लगातार बढ़ती बेहिसाब आबादी:

बता दें कि आजादी के समय भारत की जनसंख्या (POPULATION) 30 करोड़ थी। यह आंकड़ा साल 2020 तक बढकर लगभग 132 करोड़ हो चुकी है। पिछले 70 सालों में भारत की जनसंख्या में 366 प्रतिशत की बढोतरी हुई है। वहीं दूसरी तरफ दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका की आबादी 1947 में 15 करोड़ थी। साल 2020 में अमेरिका की आबादी करीब 33 करोड़ पर पहुंची है। अमेरिका की आबादी में महज 107 प्रतिशत की बढोतरी हुई है। भारत में हर मिनट 30 और चीन में 14 बच्चें जन्म लेते हैं। हमारी आबादी इसी तरह से बढती रही तो, हम 2027 तक चीन को भी आबादी के मामले में पीछे छोड़ देंगे और दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश भारत बन जाएगा। यह हम हिंदुस्तानियों के लिए शर्म की बात होगी।

चीन और भारत की तुलना:

हमारा पड़ोसी मुल्क चीन एक विकसित और महासत्ता के रूप में उभर चुका है। वर्तमान समय में भारत की चीन के साथ किसी तरह से तुलना नहीं हो सकती। इस समय चीन की इकॉनमी 18 ट्रिलियन डॉलर और भारत की इकॉनमी करीब 3.5 ट्रिलियन डॉलर की है। वहीं भारत से कई गुना ज्यादा क्षेत्रफल चीन के पास है। भारत का क्षेत्रफल 32 लाख 87 हजार 469 वर्ग किलोमीटर है तो, चीन का क्षेत्रफल 95 लाख 96 हजार 960 वर्ग किलोमीटर है। जनसंख्या की तुलना करें तो, भारत की जनसंख्या 1.32 अरब और चीन की 1.37 अरब है। भारत के पास दुनिया की सिर्फ 2 प्रतिशत भूमि है। वहीं दुनिया की 18 प्रतिशत आबादी भारत में रहती है।

क्यों जनसंख्या नियंत्रण कानून की जरुरत ?

देशहित में सरकार को चीन के तर्ज पर एक सख्त जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करना चाहिए। ताकि इस बढ़ती आबादी पर जल्द रोक लगाई जा सकें। वहीं कुछ तथाकथित धर्म के ठेकेदार और वोटबैंक की राजनीति से ग्रस्त राजनीतिक पार्टियां जनसंख्या नियंत्रण कानून को मुस्लिम धर्म विरोधी बताकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश करते हैं।

जनसंख्या नियंत्रण कानून को धर्म के ठेकेदारों द्वारा धार्मिक चश्मे से देखना बिल्कुल भी जायज नहीं है। अब समय आ गया है कि हिंदुस्तान के एक जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज निभाए और जनसंख्या नियंत्रण कानून का खुले दिल से समर्थन करें । बढती जनसंख्या के दुष्प्रभाव के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए और बढ़ती आबादी को कंट्रोल करने के लिए सरकार द्वारा उठाये जा रहे क़दमों का समर्थन करें। ताकि एक खुशहाल और संपन्न राष्ट्र का निर्माण किया जा सके।

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जनसंख्या विस्फोट:

अब समय आ गया है कि देश की जनता परिवार नियोजन पर गंभीरता से विचार करे अन्यथा भविष्य में देश की स्थिति बहुत भयावह हो जाएगी। देश बढती जनसंख्या के ज्वालामुखी पर बैठा है और यह ज्वालामुखी कभी भी फट सकता है। हमारे हिंदुस्तान में आने वाले कुछ वर्षों में जनसंख्या विस्फोट की भी संभावना है।

 

REPORT BY -Rajesh Soni

 

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