महाराष्ट्र में ऑक्सीजन की कमी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री टोपे का बड़ा बयान, कहा-‘राज्य में किसी भी मरीज….’

महाराष्ट्र (Mahaarashtra) में जानलेवा कोरोना वायरस (Corona) के बढ़ते मामलों से हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहुत ज्यादा दबाव बढ़ गया है। राज्य के कई सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल्स में ऑक्सीजन, बेड और दवाई की कमी होने लगी है। जिसके कारण मरीजों के परिजनों को इलाज में उपयोगी मेडिकल उपकरणों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। इसी बीच महाराष्ट्र (Mahaarashtra) के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने दावा किया है कि, प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में कोरोना (Corona) मरीज की मौत ऑक्सीजन की कमी की वजह से नहीं हुई है।

टोपे के अनुसार, अधिकतर कोरोना (Corona) मरीजों की मौत देरी से इलाज करवाने की वजह से हुई है। वहीं टोपे ने मीडिया की उन खबरों को भी नकार दिया कि, ‘जिनमें दावा किया गया था कि राज्य के कुछ हिस्सों में ऑक्सीजन की कमी के कारण कोरोना (Corona) मरीजों की मौत हुई है। उन्होंने मीडिया को बताया कि,’मुझे राज्य के सरकारी अस्पतालों से रिपोर्ट मिली है। जिसमें बताया गया है कि किसी भी कोरोना मरीज की मौत ऑक्सीजन की कमी की वजह से नहीं हुई है।

बता दें कि, कुछ दिन पहले कोरोना से मरे 10 मरीजों के परिवारवालों ने आरोप लगाया था कि मौत की ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुई है। इन मरीजों की मौत मुंबई से सटे पालघर जिले के दो अस्पतालों में हुई थी। वर्तमान समय में महाराष्ट्र के अस्पतालों में सिर्फ ऑक्सीजन नहीं बल्कि बेड्स की भी बहुत ज्यादा कमी महसूस की जा रही है। हालहिं में महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में एक कोरोना मरीज को बेड नहीं मिला पाया और इलाज के आभाव में उसने दम तोड़ दिया है।

बता दें कि, सीएम ठाकरे ने ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और दवाओं को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन से फ़ोन पर बात की थी। जिसके बाद हर्षवर्धन ने सीएम ठाकरे को ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर आश्वासन दिया था। इसके अलावा केंद्र सरकार अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र सरकार को 1200 से ज्यादा वेंटिलेटर भी उपलब्ध कराएगी।

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