आखिर क्यों पवार के बाद अब खडसे के घर पहुंचे फडणवीस

देवेंद्र फडणवीस लगता है कुछ नया करने वाले हैं। उनकी हलचल से सरकार भले ही परेशान ना हो लेकिन हैरान जरूर है।

आज से देवेंद्र फडणवीस दो दिन के जलगांव दौरे पर हैं। इस दौरान फड़णवीस मुकतईनगर में सीधे पहुंच गए एकनाथ खडसे के घर । उस दौरान खडसे मुम्बई (Mumbai) में थे और फड़णवीस उनके घर । इसलिए फड़णवीस का अचानक खडसे के घर पहुंचना कई रीजनल चैनल की खबर बन गया। दरअसल फड़णवीस भले ही खडसे के घर पहुंचे हो लेकिन वे उनसे नहीं बल्कि खडसे की बहू रक्षा खडसे से मिलने गए थे। रक्षा खडसे भाजपा सांसद हैं । फड़णवीस ने रक्षा खडसे से मिलकर पार्टी विस्तार पर चर्चा की । रक्षा खडसे अभी महाराष्ट्र में रावेर से भाजपा की सांसद हैं। जबकि उनके ससुर और कभी भाजपा के कद्दावर नेता रहे एकनाथ खडसे अब एनसीपी में शामिल हो चुके हैं । लगातार पार्टी के हाशिये पर चल रहे खडसे ने छह महीने पहले भाजपा को हमेशा के लिए राम राम बोल दिया । उसके बाद उनका वक्त बदला, अब खडसे एनसीपी की घड़ी के साथ कदम से कदम मिला कर चल रहे हैं ।

एकनाथ खडसे कभी महाराष्ट्र भाजपा के कद्दावर नेता हुआ करते थे। भाजपा शिवसेना की पिछली सरकार के दौरान मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार भी थे ।लेकिन फड़णवीस और खडसे की रेस में फड़णवीस पीएम मोदी की पहली पसंद बने और फिर सीएम भी बने। तब से ही महाराष्ट्र की राजनीति में एकनाथ खडसे धीरे धीरे हाशिये पर पहुंच गए। फिर हालात भाजपा छोड़ने के बनें।एनसीपी में इन्हें अपना भविष्य बेहतर लगा और आज वे एनसीपी के साथ हैं।

आज फड़णवीस ने जैसे खडसे के घर पहुंच कर सबको चौंका था,वैसे ही 4 दिन पहले फड़णवीस ने एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के घर पहुंच कर सबको चौंकाया था।
फड़णवीस मुम्बई में अचानक शरद पवार के घर सिल्वर ओक पहुंचे। हालांकि इसे उन्होंने एक शिष्टाचार भेंट बताया। पवार के ऑपरेशन के बाद फड़णवीस उनके स्वास्थ्य का हाल जानने पहुंचे थे। हालांकि ये बात दीगर है कि पवार का डेढ़ महीने पहले गॉल ब्लैडर का ऑपरेशन हुआ था। व्यस्तता के चलते दोनों नेता आपस में नहीं मिल पाए थे।

दोनों की मुलाकात भले ही औपचारिक हो,लेकिन टाइमिंग ने सबको चौंका दिया है। दरअसल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के बयान के बाद फड़णवीस की पवार से मुलाकात बहुत मायने रखती है। उन्होंने कहा था- लोग जब नींद में होंगे तक महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार होगी। पवार फड़णवीस की मुलाकात से लगता है कुछ ना कुछ खिचड़ी पक जरूर रही है। वैसे अजित पवार के साथ भाजपा ऐसी सरकार बना चुकी है । उस वक्त भी लोग नींद में ही थे।हालांकि यह बात दीगर है कि वो सरकार चल नहीं पाई थी। अब देखना दिलचस्प होगा कि नई खिचड़ी कब तक पक पाती है और पक भी पाती है या नहीं ।

Report by : Rajesh Soni

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