किसानों ने आरोप लगाया है कि अमरावती जिले में कुछ वर्षों से अवैध बोर ब्लास्टिंग में वृद्धि हुई है और इससे क्षेत्र में कृषि को नुकसान हो रहा है। डेढ़ साल तक बोर ब्लास्टिंग रोकने की मांग की। हालांकि, अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके विरुद्ध सोमवार से कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चिकालीन भूख हड़ताल पर बैठे किसान। आठ दिन के अनशन के बाद भी कोई अधिकारी पूछताछ के लिए नहीं आया है।
जिले में स्टोन क्रशरों की संख्या बढ़ी है। इससे इन खदानों के आसपास की कृषि भूमि को नुकसान हो रहा है। इस क्षेत्र में अवैध सूअरों का ठिकाना बढ़ गया है। इस मामले को लेकर कई बार बयान दिए गए। हालांकि अनशनकारियों का कहना है कि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसलिए अनशनकारियों ने चेतावनी दी कि बोर ब्लास्टिंग तत्काल रोकी जाए, अगर हमारी मांगें नहीं मानी गई तो हम कलेक्ट्रेट कार्यालय में आत्मदाह कर लेंगे।
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