मुंबई(Mumbai) : स्वदेश निर्मित एवं ‘विशाखापत्तनम’ श्रेणी के चार विध्वंसकों में से दूसरी विध्वंसक मिसाइल ‘आईएनएस मोरमुगाओ’ को रविवार को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। ‘आईएनएस मोरमुगाओ’ को सेना में शामिल किए जाने के लिए मुंबई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) अनिल चौहान और गोवा के राज्यपाल पी एस श्रीधरन भी उपस्थित रहे।
इस युद्धपोत में ब्रह्मोस, बराक-8 जैसी 8 मिसाइलें लगी हैं। इस्राइल का रडार एमएफ-स्टार भी लगाया गया है। रडार सिस्टम से दुश्मन को ट्रैक किया जा सकता है। इसमें एंटी सबमरीन रॉकेट लांचर भी लगे हैं। तारपीडो लॉन्चर और एसएडब्लू हेलिकॉप्टर भी हैं। 127 मिलीमीटर गन से लैस है।
संयोग से यह पोत पहली बार 19 दिसंबर, 2021 को समुद्र में उतरा था और इसी दिन पुर्तगाली शासन से गोवा की मुक्ति के 60 वर्ष पूरे हुए थे। इस युद्धपोत की लंबाई 163 मीटर, चौड़ाई 17 मीटर तथा वजन 7,400 टन है। पोत को शक्तिशाली चार गैस टर्बाइन से गति मिलती है। पोत 30 समुद्री मील से अधिक की गति प्राप्त करने में सक्षम है। यह युद्धपोत दूरसंवेदी उपकरणों, आधुनिक रडार और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल जैसी हथियार प्रणालियों से लैस है।
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