कोरोना के संदर्भ में मुंबईकरों के लिए खुशखबरी, शहर में कम हुए माइक्रो कंटेनमेंट और कंटेनमेंट ज़ोन हुए कम

महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजधानी मुम्बई (Mumbai) में कड़े प्रतिबंधों के कारण लगातार कोरोना (Corona) मरीज़ों की संख्या घट रही है। जिसके कारण पिछले 8 दिनों में मुम्बई (Mumbai) में माइक्रो कंटेन्मेंट जोन की संख्या में 58 प्रतिशत की कमी हुई है। वहीं सील इमारत 55 और कंटेन्मेंट जोन 24 प्रतिशत कम हुए हैं।

मुम्बई (Mumbai) में तेजी से बढ़ते कोरोना (Corona) केसेस और लोगों की मुश्किलों को देखते हुए बीएमसी (BMC) आयुक्त आई. एस. चहल ने नियम बनाया था कि एक कोरोना (Corona) मरीज डिटेक्ट होने पर सोसाइटी के एक फ्लोर को सील कर दिया जाए। वहीं 5 से अधिक कोरोना मरीज मिलने पर इमारत को सील और इससे ज्यादा मरीज मिलने पर उस क्षेत्र को माइक्रो कंटेन्मेंट जोन घोषित करने के आदेश दिए थे।

बीएमसी (BMC) के अतिरिक्त कमिश्नर सुरेश काकानी ने कहा कि दूसरी लहर में सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव बिल्डिंगों में रहने वाले लोगों पर पड़ा है। कोरोना (Corona) संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए बीएमसी ने हाउसिंग बिल्डिंगों की मदद से ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट और मुहीम शुरू की थी। नियम के अनुसार इमारतों को सील किया गया, कंटेनमेंट और माइक्रो कंटेन्मेंट जोन बनाए गए। इन बिल्डिंगों की निगरानी के लिए पुलिस भी तैनात की गई है।

बीएमसी की कड़ाई और अच्छी प्लानिंग के कारण अब मुम्बई के 24 में से 11 वार्डों में एक भी कंटेन्मेंट जोन नहीं बचा है। इनमें सैंडहर्स्ट रोड, कालबादेवी, परेल, वडाला, वर्ली, बांद्रा पूर्व, अंधेरी पश्चिम, घाटकोपर, मालाड, गोरेगांव और बोरीवली वार्ड शामिल है। यहां 28 अप्रैल को 124 कंटेन्मेंट जोन थे, जो अब 96 रह गए हैं।

कांदिवली में सबसे ज्यादा 22, अंधेरी ईस्ट में 16, भायखला में 12 और कुर्ला, साकीनाका में 10 कंटेनमेंट जोन हैं। मुम्बई में 28 अप्रैल को 1 हजार 101 माइक्रो कंटेन्मेंट जोन थे। जो 6 अप्रैल को 617 रह गए। सैंडहर्स्ट रोड, बांद्रा पश्चिम और बोरीवली में एक भी माइक्रो कंटेन्मेंट जोन नहीं है। जबकि अंधेरी पश्चिम में सर्वाधिक 176, ग्रांट रोड में 121, चेम्बूर और भायखला में 47-47 और कुर्ला में 45 माइक्रो कंटेन्मेंट जोन हैं।

मुम्बई में पहले 28 अप्रैल को 124 कंटेन्मेंट जोन थे, अब 96 रह गए हैं। जिनमें कांदिवली में सबसे ज्यादा 22 हैं।

वहीं मुम्बई में पहले 28 अप्रैल को 1 हजार 101 माइक्रो कंटेन्मेंट जोन थे, अब 6 मई को बस 617 रह गए हैं।

इसके अलावा मुम्बई में 28 अप्रैल को 1 हजार 114 सीट इमारतें थी। वहीं 6 अप्रैल को यह घटकर 645 रह गईं। इसके अलावा मुम्बई में अभी भी 8 हजार 658 इमारतों के फ्लोर अभी भी सील है।

Report by : Rajesh Soni
Also Read : दहिसर के जंबो कोविड सेंटर पर वैक्सिन को लेकर स्थानीय लोगो ने किया हंगामा ।

You May Like